इंदौर भागीरथपुरा कांड : सरकारी लैब में ‘जहर’ तो प्राइवेट में ‘अमृत’! बड़े सवाल

इंदौर भागीरथपुरा कांड : सरकारी लैब में ‘जहर’ तो प्राइवेट में ‘अमृत’! बड़े सवाल
  • पानी की रिपोर्ट्स में विरोधाभास ने खड़े किए बड़े सवाल

इंदौर: BDC News

इंदौर भागीरथपुरा कांड: मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 16 मौतों के बाद अब लैब रिपोर्ट्स ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अलग-अलग लैबोरेटरी से आई जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला विरोधाभास सामने आया है। जहाँ सरकारी लैब पानी में जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि कर रही हैं, वहीं एक प्रतिष्ठित निजी लैब ने इसी पानी को पूरी तरह ‘शुद्ध’ करार दिया है।

तीन रिपोर्ट्स और तीन अलग नतीजे

भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच तीन अलग-अलग जगहों पर की गई थी

  1. एमजीएम मेडिकल कॉलेज (सरकारी): 1 जनवरी की रिपोर्ट में माइक्रोबायोलॉजी लैब ने पानी में ई-कोलाई (E. coli) और शिगेला जैसे घातक बैक्टीरिया होने की पुष्टि की। ये बैक्टीरिया सीधे तौर पर आंतों के संक्रमण और मौतों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
  2. नगर निगम लैब (सरकारी): मूसाखेड़ी स्थित लैब की 4 जनवरी की रिपोर्ट में न केवल पाइपलाइन बल्कि बोरिंग का पानी भी दूषित मिला। इसमें फीकल कोलिफार्म (Fecal Coliform) बैक्टीरिया पाया गया, जो पानी में सीवेज की मिलावट का संकेत है।
  3. अरबिंदो अस्पताल लैब (निजी): सबसे चौंकाने वाली रिपोर्ट इसी निजी मेडिकल कॉलेज की लैब से आई है। 4 जनवरी की इस रिपोर्ट के अनुसार पानी में किसी भी तरह के बैक्टीरिया की मौजूदगी नहीं मिली और इसे पीने योग्य (शुद्ध) बताया गया है।

जिम्मेदारी से बच रहे अधिकारी?

प्राइवेट लैब में सैंपल भेजने को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के बीच ‘क्रेडिट वॉर’ जैसी स्थिति है। कलेक्ट्रर शिवम वर्मा का कहना है कि सैंपल स्वास्थ्य विभाग ने भेजे थे। दूसरी ओर, सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया है कि उनके विभाग ने निजी लैब को कोई सैंपल नहीं भेजे। सवाल यह उठता है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल नहीं भेजे, तो निजी लैब तक सरकारी पानी की जांच के लिए सैंपल किसने पहुँचाए?

विवाद के बीच बड़े प्रशासनिक फेरबदल

इस कांड की गंभीरता को देखते हुए शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है:

  • नए कमिश्नर: दिलीप यादव को हटाकर आईएएस क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
  • लीकेज अभियान: नगर निगम के 8 अपर आयुक्तों और 32 इंजीनियरों की टीम ने मोर्चा संभाला है। अब तक 15 जगहों पर खुदाई के बाद 7 बड़े लीकेज मिले हैं, जहाँ सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल रहा था।
  • राजनीतिक हलचल: मामले की गूँज दिल्ली तक पहुँच गई है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को दिल्ली तलब किया गया है, वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव को भी सख्त चेतावनी दी गई है।

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