सार… महाराष्ट्र में महायुति उपजे तनाव के बीच.. शिवसेना शिंदे गुट की नाराजगी अमित शाह तक पहुंच गई है। एकनाथ शिंदे में दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की।
नई दिल्ली/मुंबई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच लगभग 50 मिनट तक महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर पनप रहे तनाव पर गहन चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिंदे ने अमित शाह को विशेष रूप से आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले महायुति की सहयोगी पार्टियों के बीच चल रही ‘खरीद-फरोख्त की राजनीति’ के कारण उपजे तनाव से अवगत कराया।
गठबंधन में भ्रम और गतिरोध
सूत्रों के अनुसार, चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि विधानसभा चुनाव में जीत के बाद गठबंधन के लिए माहौल बेहद अनुकूल है, लेकिन कुछ नेताओं के कदम इस सकारात्मक माहौल को खराब कर रहे हैं। इस आंतरिक गतिरोध के कारण कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों में अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है। परस्पर विरोधी खबरें सामने आ रही हैं। विपक्ष को फायदा मिल रहा है और गठबंधन की जीत की गति पटरी से उतर सकती है।
शिंदे ने जोर देकर कहा कि गठबंधन के नेताओं को एक-दूसरे की आलोचना करने से बचना चाहिए और सार्वजनिक बयानों में धैर्य व संयम बरतना चाहिए। उन्होंने शाह से निजी स्वार्थ के लिए काम करने वाले नेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की, ताकि ऐसे कदम पूरी तरह रोके जा सकें।
शिवसेना मंत्रियों की गैरहाजिरी और नाराजगी
शिंदे की यह मुलाकात तब हुई है, जब 18 नवंबर को हुई महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कई मंत्री गैरहाजिर रहे थे। इस गैरहाजिरी ने राजनीतिक गलियारों में बॉयकॉट की अटकलों को हवा दी थी। हालांकि, शिंदे खुद बैठक में मौजूद थे, लेकिन बैठक के बाद शिवसेना के मंत्रियों ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपनी नाराजगी साफ तौर पर जाहिर की थी।
शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि आगामी स्थानीय निकाय चुनाव से पहले BJP उनके डोंबिवली क्षेत्र के स्थानीय नेताओं को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है। शिवसेना गुट को यह कदम गठबंधन की ‘आत्मा के खिलाफ’ लगा, जिससे महायुति के भीतर तनाव चरम पर पहुँच गया है।
सोर्स: मीडिया रिपोर्ट