सार… स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- ‘धर्म के क्षेत्र में देंगे बड़ा पद’… डीएम आवास पर ‘बंधक’ बनाने का आरोप
बरेली: BDC News/bhopalonline.org
गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शासन ने निलंबित (Suspend) कर दिया है। शासन ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश देते हुए उन्हें शामली से अटैच कर दिया है। बरेली कमिश्नर इस पूरे मामले की जांच करेंगे। दिलचस्प बात यह है कि अग्निहोत्री ने इस्तीफा दिया था, लेकिन सरकार ने उसे मंजूर करने के बजाय सस्पेंशन की कार्रवाई की है।
विवाद की वजह: UGC कानून और शंकराचार्य का अपमान
अग्निहोत्री ने अपने 5 पन्नों के त्यागपत्र में UGC के नए इक्विटी नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई मारपीट को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है। उन्होंने कहा कि “अब सरकार से मोहभंग हो गया है और वे अपना इस्तीफा किसी भी हाल में वापस नहीं लेंगे।”
देर रात शंकराचार्य का फोन और ‘बड़े पद’ का प्रस्ताव
घटनाक्रम के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने देर रात अग्निहोत्री से फोन पर बात की। शंकराचार्य ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा, “पूरा सनातनी समाज आपसे प्रसन्न है। सरकार ने जो पद दिया था, हम उससे भी बड़ा पद आपको धर्म के क्षेत्र में देंगे।”
DM आवास पर 45 मिनट ‘बंधक’ बनाने का सनसनीखेज आरोप
अग्निहोत्री ने जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जब वे इस्तीफा देने पहुंचे, तो उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और उन पर इस्तीफा ‘होल्ड’ करने का दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों के बीच उन्हें ‘पागल’ कहकर उपहास उड़ाया गया। हालांकि, जिला प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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