बिजनेस डेस्क| BDC News| bhopalonlie.org
चांदी के बाजार में शुक्रवार को आया भूचाल इतिहास के पन्नों में ‘ब्लैक फ्राइडे’ के रूप में दर्ज हो गया है। लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही चांदी ने एक ही दिन में करीब ₹1,00,000 की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज कर पूरे सराफा जगत को हिलाकर रख दिया। जो चांदी ₹4.10 लाख के पार जा चुकी थी, वह अचानक गिरकर ₹3 लाख के स्तर पर आ गई। हालांकि, दिन के अंत तक बाजार में ₹30,000 से ₹40,000 की रिकवरी देखी गई, लेकिन इस अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव ने निवेशकों और व्यापारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
क्यों आई चांदी में इतनी बड़ी गिरावट?
सराफा विशेषज्ञों और अनुभवी कारोबारियों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता और डॉलर की कीमतों में आई नरमी प्रमुख कारण है। सराफा व्यापारी अजय लाहोटिया के अनुसार, वैश्विक संकेतों के साथ-साथ बाजार में सट्टा और वायदा (Futures Market) कारोबार ने हलचल को और बढ़ा दिया है। चांदी की कीमतों में जरूरत से ज्यादा बढ़त के बाद बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली (Profit Booking) देखी गई, जिससे कीमतें धड़ाम हो गईं। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी का कहना है कि उन्होंने अपने करियर में चांदी में ऐसा उतार-चढ़ाव कभी नहीं देखा।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
कीमतों में भारी गिरावट के बाद उन निवेशकों में घबराहट (Panic Selling) देखी जा रही है, जिन्होंने ऊंचे दामों पर चांदी खरीदी थी। बाजार विशेषज्ञ फिलहाल जल्दबाजी में बिकवाली न करने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 के बाद ही सोने-चांदी की कीमतों में स्थिरता आएगी। चांदी को हमेशा लंबी अवधि के निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए, इसलिए वर्तमान अस्थिरता के दौर में धैर्य रखना ही समझदारी है।
यह भी पढ़ेंं.. “सुप्रीम” फैसला: स्कूलों में लड़कियों को फ्री सैनेटरी पैड, अलग टॉयलेट, वरना जाएगी मान्यता