भोपाल:BDC News
मध्य प्रदेश के कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में अगले शैक्षणिक सत्र से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सरकार के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियां और आगामी कार्ययोजना साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब विद्यार्थियों की मनमानी नहीं चलेगी और उपस्थिति को लेकर कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
सार्थक एप से ‘रियल-टाइम’ अटेंडेंस
मंत्री परमार ने घोषणा की कि अगले सत्र से प्रदेश के कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति ‘सार्थक एप’ के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। यह अटेंडेंस रियल-टाइम होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, अब छात्रों के लिए 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति होना अनिवार्य कर दिया गया है।
नई तकनीक और डिजिटल सेल पर जोर
उच्च शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश के सभी शासकीय तकनीकी संस्थानों में एक समर्पित डिजिटल सेल का गठन किया जाएगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पाठ्यक्रम में भी बदलाव होगा। अब पारंपरिक विषयों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक जैसे नवीनतम पाठ्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण आगामी प्रोजेक्ट्स:
- खनन प्रौद्योगिकी महाविद्यालय: सिंगरौली में 76.56 करोड़ रुपये की लागत से माइनिंग टेक्नोलॉजी कॉलेज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
- अतिथि विद्वानों के लिए नया मॉडल: मध्य प्रदेश के अतिथि विद्वानों के मानदेय की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार हरियाणा मॉडल को लागू करने पर विचार कर रही है।
- आयुष और तकनीकी शिक्षा: आयुष विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग मिलकर नए शोध और नवाचारों पर काम करेंगे।
प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इस प्रेस वार्ता के दौरान उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, आयुष विभाग के प्रमुख सचिव डीपी आहूजा, और उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।