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भोपाल लाइव न्यूज : एमपी नगर में ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट के बाद तांडव, ‘आग का गोला’ बनी फॉर्च्यूनर

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भोपाल
BDC News | bhopalonlie.org
दोपहर 11:30 बजे:
राजधानी का सबसे व्यस्त इलाका एमपी नगर जोन-2, जो आमतौर पर फाइलों और दफ्तरों की हलचल के लिए जाना जाता है, आज सुबह धमाकों और आग की लपटों से दहल उठा। अभी हम खड़े हैं उसी घटनास्थल पर जहाँ कुछ देर पहले तक मौत का मंजर साफ दिखाई दे रहा था। मेरे ठीक पीछे आप देख सकते हैं, वह ट्रांसफॉर्मर (डीपी) जो अब पूरी तरह काला पड़ चुका है और उसके बगल में मौजूद सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार, जो अब सिर्फ लोहे का एक ढांचा मात्र रह गई है।

धमाका… और फिर सब कुछ धुएं में बदल गया

सुबह के लगभग 10:35 बज रहे थे। रविवार होने की वजह से सड़कों पर सन्नाटा था। अचानक एक जोरदार धमाका होता है। स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट सर्किट हुआ और तेल की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया। दुर्भाग्य से, ठीक बगल में एक मैकेनिक की दुकान पर सुधारने के लिए आई फॉर्च्यूनर कार खड़ी थी। चश्मदीदों की मानें तो कार ने मात्र 30 सेकंड के भीतर आग पकड़ ली और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, कार ‘आग का गोला’ बन गई।

होटल और जिम में मची भगदड़

जैसे-जैसे आग की लपटें ऊंची हुईं, पास ही स्थित होटल और जिम में मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि बगल की बिल्डिंग के शीशे चटकने लगे और अंदर धुआं भरने लगा। लोग अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से बाहर की ओर भागे।

फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी: 15 मिनट का ‘ऑपरेशन कंट्रोल’

सूचना मिलते ही पुल बोगदा और माता मंदिर फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियाँ सायरन बजाती हुई घटना स्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने जांबाजी दिखाते हुए दो तरफ से पानी की बौछारें शुरू कीं।

  • 10:50 AM: पहली दमकल ने आग को बिल्डिंग में घुसने से रोका।
  • 11:05 AM: 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

जांच के घेरे में लापरवाही?

मौके पर मौजूद एमपी नगर पुलिस का कहना है कि वे बिजली विभाग (MPEB) से संपर्क कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या इस ट्रांसफॉर्मर का समय पर मेंटेनेंस हुआ था? पुलिस अब इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि ब्लास्ट की असल वजह क्या थी।

राहत की बात बस इतनी है कि इस पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। लेकिन इस अग्निकांड ने घनी आबादी वाले इलाकों में बिजली के उपकरणों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

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