लोकतंत्र का महाकुंभ: भाजपा का पूर्वोत्तर और बंगाल फतह, तमिलनाडु में TVK का ऐतिहासिक

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BDC News | bhopalonline.org

पांच राज्यों में चुनाव : आंकड़ों की नजर में

राज्य / केंद्र शासित प्रदेशकुल सीटेंबहुमत का आंकड़ासबसे बड़ी पार्टी / गठबंधनपरिणाम की स्थिति
पश्चिम बंगाल294148भाजपा (BJP)बहुमत/प्रचंड जीत
असम12664भाजपा – NDAहैट्रिक (लगातार तीसरी जीत)
तमिलनाडु234118TVK (तमिलगा वेत्री कझगम)सबसे बड़ी पार्टी/ऐतिहासिक जीत
पुडुचेरी3016भाजपा – NDAबहुमत/सरकार गठन
केरल14071LDF / स्थानीय गठबंधनकड़ा मुकाबला / क्षेत्रीय वर्चस्व

1. पश्चिम बंगाल (कुल सीटें: 294)

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है।

  • भाजपा (BJP): 208 सीटें
  • तृणमूल कांग्रेस (AITC): 79 सीटें
  • कांग्रेस (INC): 02 सीटें
  • अन्य (AISF, AJUP, CPIM): 04 सीटें

2. असम (कुल सीटें: 126)

असम में भाजपा नेतृत्व वाले NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है।

  • भाजपा (BJP): 81 सीटें
  • NDA सहयोगी (AGP – 10, BPF – 10): 20 सीटें
  • कांग्रेस (INC): 19 सीटें
  • AIUDF: 01 सीट (बिन्नाकांडी सीट से बदरुद्दीन अजमल जीते)
  • रैजोर दल: 01 सीट

3. तमिलनाडु (कुल सीटें: 234)

सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK अपने पहले ही चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

  • तमिलगा वेत्री कझगम (TVK): 107 सीटें
  • DMK: 60 सीटें
  • AIADMK: 47 सीटें
  • कांग्रेस (INC): 05 सीटें
  • PMK: 04 सीटें
  • अन्य: 11 सीटें

4. पुडुचेरी (कुल सीटें: 30)

पुडुचेरी में NDA ने बहुमत हासिल कर सरकार बरकरार रखी है।

  • AINRC: 12 सीटें
  • भाजपा (BJP): 04 सीटें
  • AIADMK: 01 सीट
  • LJK: 01 सीट
  • DMK: 02 सीटें
  • TVK: 02 सीटें

5. केरल (कुल सीटें: 140)

केरल में गठबंधन के आधार पर सीटों का अनुमानित वितरण इस प्रकार रहा:

  • LDF (वामपंथी गठबंधन): 102 सीटें
    • (CPIM: 77, CPI: 24, अन्य: 01)
  • UDF (कांग्रेस गठबंधन): 35 सीटें
    • (INC: 92*, IUML: 26, अन्य सहयोगी दलों सहित)
  • NDA (भाजपा गठबंधन): 02 सीटें (मुख्यतः भाजपा)

(नोट: केरल के कुछ आंकड़ों में गठबंधन के भीतर सीटों के वितरण में रुझानों के अनुसार बदलाव हो सकते हैं)

पश्चिम बंगाल

  • ममता बनर्जी (TMC): मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों ही सीटों से भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हार गईं।

तमिलनाडु

  • एम.के. स्टालिन (DMK): निवर्तमान मुख्यमंत्री और द्रविड़ राजनीति के दिग्गज नेता स्टालिन को उनके अपने गढ़ कोलाथुर (Kolathur) में TVK उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने लगभग 8,700 वोटों से हरा दिया।
  • डॉ. एल. मुरुगन (BJP): केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन तिरुपुर जिले की अविनाशी (Avinashi) सुरक्षित सीट पर TVK की कमली एस. से 15,000 वोटों के अंतर से हार गए।

केरल (विजयन मंत्रिमंडल का पतन)

केरल में एलडीएफ (LDF) की करारी हार के साथ पिनाराई विजयन कैबिनेट के 13 मंत्री चुनाव हार गए। प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • वी. शिवनकुट्टी (CPIM): शिक्षा मंत्री, जिन्हें नेमोम (Nemom) सीट पर भाजपा के राजीव चंद्रशेखर ने हराया।
  • पी. राजीवे (CPIM): उद्योग मंत्री, कलामसेरी सीट पर आईयूएमएल (IUML) के उम्मीदवार से हारे।
  • वीणा जॉर्ज (CPIM): स्वास्थ्य मंत्री, अरनमुला सीट पर कांग्रेस के अबिन वर्गीस से पराजित हुईं।
  • एम.बी. राजेश (CPIM): स्थानीय स्वशासन मंत्री, थ्रिथला में कांग्रेस के वी.टी. बलराम से हार गए।
  • रोशी ऑगस्टीन (KC-M): जल संसाधन मंत्री, इडुक्की सीट पर कांग्रेस के रॉय के. पॉलोज से हारे (उन्होंने यह सीट पिछले 25 वर्षों से संभाल रखी थी)।
  • के.बी. गणेश कुमार (KC-B): परिवहन मंत्री, अपनी पारंपरिक सीट पठानपुरम को नहीं बचा पाए।

असम

  • मीरा बोरठाकुर गोस्वामी (Congress): प्रतिष्ठित दिसपुर सीट पर भाजपा के प्रद्युत बोरदोलोई (जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे) से लगभग 49,000 वोटों से हार गईं।

पुडुचेरी

  • जी.एस. अशोक (Congress): यानम (Yanam) सीट पर एआईएनआरसी (AINRC) के मल्लाडी कृष्ण राव से लगभग 4,500 वोटों से हार गए।
  • पी.के. देवदास (Congress): कामराज नगर सीट पर एलजेके (LJK) के जोस चार्ल्स मार्टिन से भारी अंतर से हार गए।
  • भाजपा का विस्तार: भाजपा ने गंगोत्री से गंगासागर तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए बंगाल, असम और पुडुचेरी में सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
  • बंगाल में बदलाव: पश्चिम बंगाल में भाजपा को ‘अप्रत्याशित बहुमत’ मिलता दिखाई दे रहा है, जहाँ 93% तक ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया।
  • तमिलनाडु का नया उदय: सुपरस्टार थलपति विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनाव में राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर इतिहास रच दिया है।
  • कांग्रेस की स्थिति: विभिन्न राज्यों के रुझानों और बयानों के अनुसार, कांग्रेस की स्थिति काफी कमजोर रही है और वह कई क्षेत्रों में राजनीतिक मानचित्र से सिमटती नजर आ रही है।

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