अंतरराष्ट्रीय डेस्क|BDC News|bhopalonline.org
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की दहलीज पर खड़े ‘होर्मुज स्ट्रेट’ विवाद में आज एक सुखद मोड़ आया है। शनिवार को ईरान की जवाबी कार्रवाई के दौरान क्रैश हुए अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E के जिस पायलट को लेकर पूरी दुनिया सांसें थामे बैठी थी, उसे ‘स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स’ ने ढूंढ निकाला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जारी एक भावुक और जोश भरे बयान में कहा, “हमने उसे ढूंढ निकाला है। हमारा नायक वापस आ रहा है।”
रात के अंधेरे में चला ‘सीक्रेट रेस्क्यू ऑपरेशन’
पेंटागन के सूत्रों के अनुसार, पायलट को बचाने के लिए एक हाई-प्रोफाइल ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ ऑपरेशन चलाया गया था।
- चुनौतीपूर्ण इलाका: पायलट का पैराशूट ईरान के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और ईरानी सीमा के बेहद करीब गिरा था।
- एलीट टीम का एक्शन: अमेरिकी नौसेना के सील (SEALs) और वायु सेना के विशेष दस्ते ने आधुनिक तकनीक और ड्रोन्स की मदद से पायलट के ‘इमरजेंसी सिग्नल’ को ट्रैक किया। इस दौरान अमेरिकी युद्धपोतों ने इलाके को चारों ओर से कवर कर रखा था ताकि ईरानी नौसेना कोई हस्तक्षेप न कर सके।
2. किस हालत में है पायलट? ट्रंप ने दी जानकारी
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है और फिलहाल वह फारस की खाड़ी में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) पर चिकित्सा निगरानी में है।
- स्वास्थ्य स्थिति: शुरुआती जांच के अनुसार, पायलट को कुछ मामूली चोटें आई हैं और वह ‘इजेक्शन’ (विमान से बाहर कूदने) के कारण थोड़े सदमे में है, लेकिन उसकी जान को कोई खतरा नहीं है।
- ट्रंप का संदेश: ट्रंप ने कहा, “मैंने उस बहादुर जवान से बात की है। उसका हौसला बुलंद है। वह एक सच्चा अमेरिकी योद्धा है।”
पायलट के मिलने से क्या तनाव कम होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि पायलट का सुरक्षित मिलना एक बड़ी कूटनीतिक जीत है, लेकिन इससे युद्ध का खतरा टला नहीं है।
- अल्टीमेटम बरकरार: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि पायलट का रेस्क्यू एक मानवीय सफलता है, लेकिन ईरान को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम अभी भी लागू है।
- ईरान की घेराबंदी: अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी आज रात तक नहीं हटाई गई, तो ‘प्रलयंकारी’ कार्रवाई (Kahar) तय है।
वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर असर
पायलट के रेस्क्यू की खबर से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में थोड़ी स्थिरता देखी गई है।
- राहत: युद्ध की तत्काल आशंका में जो उछाल आया था, उसमें 2-3% की मामूली गिरावट आई है।
- चिंता: हालांकि, जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होती, तब तक भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बना रहेगा।
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