रीवा, मध्य प्रदेश। विंध्य की धरती एक बार फिर कला और संस्कृति के रंगों में सराबोर होने जा रही है। रीवा के ग्राम शिवपुरवा 601 में आज से दो दिवसीय ‘पिता नाट्य समारोह’ का भव्य शुभारंभ हो रहा है। ‘द अघोरा सोसाइटी फॉर आर्ट, कल्चर एंड सोशल वेलफेयर’ (ASFA) द्वारा आयोजित यह उत्सव 13 और 14 मार्च 2026 को कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
अभिनय और जज्बात का संगम: ‘दयाशंकर की डायरी’ से शुरुआत
समारोह के पहले दिन, यानी आज 13 मार्च को, दर्शकों को एक बेहद मार्मिक और मनोवैज्ञानिक नाटक देखने को मिलेगा। सुप्रसिद्ध लेखिका नादिरा ज़हीर बब्बर द्वारा लिखित नाटक ‘दयाशंकर की डायरी’ का मंचन ‘अस्फा’ (ASFA) की अपनी टीम द्वारा किया जाएगा।
इस नाटक की कुछ खास बातें:
- निर्देशन: युवा और ऊर्जावान रंगकर्मी सुमित प्रकाश पांडेय।
- विषय: एक कलाकार के सपनों, उसकी असफलताओं और हकीकत के बीच चलते द्वंद की कहानी।
- अनुभव: यह नाटक दर्शकों को एक इंसान के मन के भीतर झांकने पर मजबूर कर देता है।
दूसरे दिन भोपाल के कलाकारों का जलवा: नाटक ‘राजीनामा’
समारोह के दूसरे दिन, 14 मार्च को मंच पर ‘पहल इम्प्रिंट कल्चरल सोसाइटी, भोपाल’ के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। भोपाल की इस प्रतिष्ठित टोली द्वारा नाटक ‘राजीनामा’ पेश किया जाएगा।
इस नाटक का निर्देशन अनुभवी निर्देशक तानाजी वावड़े ने किया है। ‘राजीनामा’ अपनी विचारोत्तेजक पटकथा और सजीव अभिनय के लिए जाना जाता है, जो रीवा के दर्शकों के लिए एक नया अनुभव साबित होगा।
कला और समाज को जोड़ने की एक अनूठी पहल
‘अस्फा’ (ASFA) संस्था पिछले लंबे समय से कला, संस्कृति और समाज कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था के पदाधिकारियों का मानना है कि ‘पिता नाट्य समारोह’ केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का एक माध्यम है।
कार्यक्रम का शेड्यूल एक नज़र में:
- आयोजन: पिता नाट्य समारोह 2026
- आयोजक: द अघोरा सोसाइटी (ASFA), रीवा
- तारीख: 13 और 14 मार्च 2026
- समय: शाम 5:00 बजे से
- स्थान: अघोरा सोसाइटी प्रांगण, शिवपुरवा 601, रीवा
रंगमंच की दुनिया में क्यों खास है यह आयोजन?
आज के डिजिटल युग में जहाँ लोग स्क्रीन्स से चिपके रहते हैं, वहाँ जीवंत रंगमंच (Live Theatre) एक नई ताजगी लेकर आता है। शिवपुरवा जैसे ग्रामीण परिवेश में इस स्तर के नाट्य उत्सव का आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और कला के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए बेहद जरूरी है।
संस्था ‘ASFA’ के सदस्यों ने अपील की है कि शहर और आसपास के सभी कला प्रेमी, पत्रकार और आम नागरिक अपने परिवार के साथ इस समारोह का हिस्सा बनें। कलाकारों का उत्साहवर्धन करना ही इस आयोजन की असली सफलता होगी।
विंध्य के सांस्कृतिक गौरव की झलक
रीवा हमेशा से ही कला और कलाकारों की जननी रहा है। ‘पिता नाट्य समारोह’ जैसे आयोजन इस विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का काम करते हैं। अगर आप अभिनय की बारीकियों और संजीदा कहानियों के शौकीन हैं, तो आज शाम शिवपुरवा के इस मंच पर आपकी मौजूदगी अनिवार्य है।
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