समय से पहले जन्मे बच्चों के रेटिना की जांच 30 दिन के अंदर कराएं

समय से पहले जन्मे बच्चों के रेटिना की जांच 30 दिन के अंदर कराएं

– सेवासदन ने सीहोर अस्पताल में लगाया कैंप

हिरदाराम नगर। BDC News

ywAAAAAAQABAAACAUwAOw==सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय द्वारा दि. 26 अगस्त 2021 को सीहोर के जिला अस्पताल में समय से पहले जन्मे शिशुओं के रेटिना की जांच के लिये सेवासदन नेत्र चिकित्सालय संतनगर ने सीहोर जिला अस्पताल में आरओपी कैंप का आयोजन किया, जिसमें 14 नवजात शिशुओं की आँखों की जांच की गई । पिछले माह भी कैंप का आयोजन किया गया था, जिसके चार शिशुओं को फालोअप जांच के लिए बुलाकर फिर जांच की गई।

बात दे जिन शिशुओं का जन्म आठ महीने या उससे पहले ही हो जाता है और जन्म के समय उनका वजन कम होता है, ऐसे शिशुओं के रेटिना पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते हैं । शिशु रेटिना विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शिशुओं आंखों की जांच जन्म के 30 दिन के अंदर रेटिना विशेषज्ञ से करवा लेनी चाहिये। रेटिना के पूरी तरह विकास न हो पाने की स्थिति में बच्चों के लिए जीवनभर दृष्टिदोष अथवा अंधत्व की स्थितियां बन सकती हैं ।

कैंप में वरिष्ठ रेटिना ऑप्टोमेट्रिस्ट अजय सिंह नरवरिया और संतोष मेहर ने षिषुओं की रेटिना का परीक्षण किया । सेवा सदन में शिशुओं के रेटिना उपचार के लिये रेटकेम कैमरा और लेज़र आदि उपकरणों की सुविधा उपलब्ध है । शिशु रेटिना जांच और उपचार के लिये विशेषज्ञ डॉ. रिद्धिमा देशपाण्डे और डॉ. सोनल पालीवाल की सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

यहां से आए थे बच्चे
सीहोर में लगे कैंप में सभी शिशु ग्रामीण इलाकों से लाए गए थे । इनमें ग्राम मुंगावली, चावण्डी, नांदनी और कालापीपल, दोराहा, खेड़हाट, जहांगीरपुरा, इच्छावर, इमलीखेड़ा, जावर, कोटरी, बमोरा राजगढ़) और सीहोर से आए थे। सभी बच्चे एक माह से कम उम्र के थे । इन शिशुओं के रेटिना परीक्षण में उन्हें किसी प्रकार की नेत्र रोग व्याधि से ग्रसित नहीं पाई गई।
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