बांग्लादेश: तारिक रहमान सरकार के आते ही अवामी लीग की वापसी? नाहिद इस्लाम की धमकी

नेशनल सिटिजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने ढाका के बंग्लामोटर स्थित एनसीपी के अस्थायी केंद्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की नेशनल सिटिजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने ढाका के बंग्लामोटर स्थित एनसीपी के अस्थायी केंद्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की

ढाका: BDC News|bhopalonline.org

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के मात्र तीन दिन के भीतर ही छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे और ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ (NCP) के संयोजक नाहित इस्लाम ने नई सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नाहिद ने आरोप लगाया है कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के दफ्तरों का फिर से खुलना सरकार की मिलीभगत का नतीजा है।

अवामी लीग के दफ्तर खुलने पर बवाल

ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नाहिद इस्लाम ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि देश के कई जिलों में अवामी लीग के कार्यालयों का दोबारा खुलना चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना सरकार की “हरी झंडी” के यह संभव नहीं था। रिपोर्ट्स के अनुसार, खुलना समेत करीब 10 जिलों में अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने पार्टी दफ्तरों पर तिरंगा फहराया और शेख मुजीबुर रहमान व शेख हसीना की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की।नाहिद ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत इन कार्यालयों को बंद करे, अन्यथा उनकी पार्टी “राजनीतिक प्रतिरोध” शुरू करेगी।

भारत, अवामी लीग और BNP के बीच ‘मिलीभगत’ का आरोप

नाहिद इस्लाम ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि हालिया चुनाव में भारत, अवामी लीग और बीएनपी (BNP) के बीच एक गुप्त समझौता या मिलीभगत थी। उन्होंने चेतावनी दी कि “फासीवादी ताकतों” को दोबारा पैर जमाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि नाहिद इस्लाम उसी छात्र समूह का हिस्सा हैं जिसने जुलाई 2024 में शेख हसीना सरकार को सत्ता से बेदखल करने में मुख्य भूमिका निभाई थी।


भारत के प्रति बदली नई सरकार की रणनीति?

जहाँ एक तरफ छात्र नेता विरोध कर रहे हैं, वहीं तारिक रहमान सरकार के नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने भारत के साथ संबंधों को सुधारने के संकेत दिए हैं।

  1. क्रिकेट डिप्लोमेसी: अमीनुल हक ने बीसीसीआई (BCCI) और भारत के साथ मधुर संबंध बनाने की इच्छा जताई है।
  2. टी-20 वर्ल्ड कप विवाद: मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान मुस्तफिजुर रहमान के आईपीएल विवाद को लेकर बांग्लादेश ने वर्ल्ड कप न खेलने का फैसला किया था। अब नए खेल मंत्री इसे “बातचीत के जरिए सुलझाने” की बात कर रहे हैं।
  3. पड़ोसी देशों से दोस्ती: मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे भारत के साथ एक “ईमानदार और सौहार्दपूर्ण संबंध” चाहते हैं ताकि खेल और कूटनीतिक गतिरोध को खत्म किया जा सके।

बांग्लादेश इस समय एक दोराहे पर खड़ा है। एक तरफ नई सरकार भारत के साथ पुराने तनाव को कम करना चाहती है, तो दूसरी तरफ शेख हसीना विरोधी छात्र नेता इसे पुरानी व्यवस्था की वापसी मानकर सरकार को घेर रहे हैं। क्या तारिक रहमान अवामी लीग पर प्रतिबंध जारी रखेंगे या नाहिद इस्लाम का ‘राजनीतिक प्रतिरोध’ बांग्लादेश में एक नए संघर्ष को जन्म देगा?


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *