भोपाल (संतनगर) |BDC News|bhopalonline.org
भोपाल-इंदौर मार्ग पर स्थित खजूरी बायपास पर बन रहा 31 करोड़ रुपये का नया फ्लायओवर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत लेकर आया है। 910 मीटर लंबे इस सिक्स-लेन फ्लायओवर के निर्माण से क्षेत्र के 8 से अधिक गांवों का सीधा संपर्क कटने की आशंका है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
इन गांवों पर पड़ेगा सीधा असर
फ्लायओवर बनने से बकानियां, खोरी, तुमड़ा, बरखेड़ा सालम, सुंदरम सिटी, धामनियां, राजनपुर और बखेड़ी पठान जैसे गांवों के निवासी प्रभावित होंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य रास्ता बंद होने से उन्हें लगभग एक किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुँचना होगा।
किसानों और छात्राओं की सुरक्षा पर संकट
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ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
- किसानों की समस्या: उपज (गल्ला) मंडी तक ले जाने के लिए भारी वाहनों को लंबा और असुरक्षित चक्कर काटना पड़ेगा।
- बेटियों की सुरक्षा: कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए लंबा रास्ता असुरक्षित और समय खपाने वाला होगा।
- ब्लैक स्पॉट का खतरा: यह क्षेत्र पहले से ही दुर्घटना संभावित (Black Spot) है, ऐसे में कनेक्टिविटी टूटने से हादसों का जोखिम और बढ़ जाएगा।
क्या है ग्रामीणों की मुख्य मांग?
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ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों (जनपद सदस्य सुरेश धाकड़, जिला पंचायत सदस्य अनिल हाड़ा और सरपंच अनिता जितेंद्र) की एक ही प्रमुख मांग है— ‘अंडरपास का निर्माण’। उनका तर्क है कि यदि फ्लायओवर के नीचे से अंडरपास दिया जाता है, तो गांवों का आपसी संपर्क और शहर से जुड़ाव बना रहेगा।
उल्लेखनीय है कि इस प्रोजेक्ट का निर्माण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा किया जा रहा है और इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
रिपोर्ट: रवि नाथानी