महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

जय बाबा महाकाल.. उज्जैन जय बाबा महाकाल.. उज्जैन

महाकाल में 44 घंटे सतत दर्शन, बाबाधाम में सजेगी शिव बारात

देश देवाधिपति महादेव की आराधना के पर्व महाशिवरात्रि के रंग में रंगा हुआ है। देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों सहित तमाम शिवालयों में आधी रात से ही ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष गूंज रहे हैं। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ आज लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान है। महाकाल मंदिर के पट रात 2:30 बजे से ही भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। इस बार मंदिर में दर्शन का क्रम लगातार 44 घंटों तक चलेगा, जिसमें परंपरा के अनुसार शयन आरती नहीं की जाएगी। उत्सव के अगले दिन यानी 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे वर्ष में केवल एक बार होने वाली विशेष ‘दोपहर भस्म आरती’ संपन्न होगी।

महाकाल के अलौकिक शृंगार के लिए मंदिर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। भगवान महाकाल का दूल्हे के रूप में शृंगार करने हेतु 3 क्विंटल फूल मंगाए गए हैं। इसमें 100 किलो आंकड़े के फूल, सवा लाख बेल पत्र और 200 किलो सुगंधित देसी फूलों से निर्मित 11 फुट ऊँचा विशाल सेहरा भगवान को अर्पित किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र होगा।

ओंकारेश्वर और काशी विश्वनाथ में उमड़ी भीड़, देवघर में शिव-विवाह की धूम

नर्मदा तट पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी श्रद्धा का सैलाब उमड़ा है, जहाँ रात 3 बजे से ही मंदिर के द्वार खोल दिए गए हैं। यहाँ भक्त लगातार 24 घंटे महादेव का पूजन और जलाभिषेक कर सकेंगे। वहीं, धर्म नगरी काशी के विश्वनाथ मंदिर में भी उत्सव की भव्यता देखते ही बन रही है। रात 2:15 बजे भव्य मंगला आरती के पश्चात 3:30 बजे से ही आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ हो गए हैं, जहाँ मीलों लंबी कतारों में लगे भक्त अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि का पर्व अपनी अनूठी परंपराओं के लिए विख्यात है। यहाँ शनिवार को पंचशूलों की विशेष पूजा के पश्चात मंदिर के शिखर पर उनकी पुनर्स्थापना की गई और बाबा बैद्यनाथ व माता पार्वती का पारंपरिक गठबंधन संपन्न हुआ। रविवार सुबह 4:25 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। आज शाम यहाँ बाबा की भव्य शिव बारात निकाली जाएगी और पूरी रात शिव-पार्वती विवाह का पारंपरिक अनुष्ठान हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।


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