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MP में गेहूं खरीदी पर घमासान: कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, सरकार पर ‘रणनीतिक घोटाले’ का आरोप

गेहूं खरीदी मेें सही दाम न मिलने पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। AI गेहूं खरीदी मेें सही दाम न मिलने पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। AI

भोपाल

BDC News|bhopalonline.org

MP LIVE NEWS : मध्य प्रदेश के चार संभागों में आज से गेहूं की सरकारी खरीदी का आगाज़ हो गया है, लेकिन इसके साथ ही प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। खरीदी में हुई देरी और वादे के मुताबिक दाम न मिलने को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में मोर्चा खोल दिया है। खंडवा से लेकर भोपाल तक हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और किसानों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

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खंडवा में बैरिकेडिंग टूटी, पटवारी ने कहा- “किसानों के साथ धोखा”

खंडवा में प्रदर्शन तब उग्र हो गया जब करीब 5 हजार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और कलेक्ट्रेट परिसर में घुस गए। वहीं भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर बारदाने की कमी का बहाना बनाया ताकि किसान अपना गेहूं ओने-पौने दामों पर खुले बाजार में बेचने को मजबूर हो जाएं। पटवारी के अनुसार, करीब 25% गेहूं पहले ही 1600 से 2000 रुपये क्विंटल के भाव में बिक चुका है।

सागर मंडी बंद होने पर कलेक्टर को फोन

जीतू पटवारी ने सागर मंडी बंद होने की सूचना पर सीधे वहां के कलेक्टर को फोन लगाया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “कलेक्टर साहब, चार दिन से मंडी बंद है और भीषण गर्मी में किसान परेशान हो रहे हैं, क्या यह आपके संज्ञान में नहीं है?” कांग्रेस ने ऐलान किया है कि दो दिन बाद पूरे प्रदेश में किसानों के साथ उपवास रखा जाएगा और मुख्यमंत्री के गृह जिले उज्जैन में बड़ा आंदोलन होगा।

सरकार का पक्ष: “इजराइल-ईरान युद्ध ने बिगाड़ा गणित”

इधर, सरकार ने खरीदी में देरी के पीछे वैश्विक परिस्थितियों और इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला दिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को 2700 रुपये प्रति क्विंटल का भाव देने की प्रतिबद्धता पर कायम है और वर्तमान में उपार्जन केंद्रों पर किसानों का तिलक लगाकर स्वागत किया जा रहा है।

जमीनी हकीकत: केंद्रों पर अव्यवस्था का आलम

रायसेन और अन्य जिलों से मिल रही खबरें सरकारी दावों पर सवाल उठा रही हैं। रायसेन के बम्होरी केंद्र पर न तो छाया की व्यवस्था दिखी और न ही पर्याप्त बारदाना पहुँचा, जिससे स्लॉट बुक करा चुके किसान असमंजस में हैं। इस बार प्रदेश में कुल 19 लाख 40 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनकी फसल की सुरक्षा और सही दाम अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।



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