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NSG Commando Power Show Bhopal Lal Parade Ground: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड आज यानी सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को उस समय थर्रा उठा, जब देश के सबसे घातक सुरक्षा बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के ‘ब्लैक कैट’ कमांडोज ने अपनी मारक क्षमता और अदम्य साहस का सजीव प्रदर्शन किया। आसमान से गिरते कमांडो, धमाकों की गूँज, आतंकियों के खात्मे की रणनीति और अत्याधुनिक हथियारों की चमक ने राजधानी वासियों के रोंगटे खड़े कर दिए।
इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे। उनके साथ पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक और सेना व पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी इस शौर्य गाथा के साक्षी बने।

आसमान से उतरे काल: हेलीकॉप्टर स्लिदरिंग का रोमांच
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह ठीक 10:30 बजे हुई, जब आसमान में वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट सुनाई दी। दर्शकों की नजरें आसमान की ओर उठीं और चंद सेकंडों में ही रस्सी के सहारे NSG के कमांडो हवा की गति से नीचे उतरने लगे। इसे सैन्य भाषा में ‘स्लिदरिंग’ कहा जाता है।
ग्राउंड के बीचों-बीच बनाई गई एक काल्पनिक बहुमंजिला इमारत (मॉक बिल्डिंग) पर कमांडोज ने जिस सटीकता से लैंडिंग की, उसने यह साबित कर दिया कि दुर्गम से दुर्गम स्थान पर भी ये योद्धा मिनटों में पहुँच सकते हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खड़े होकर तालियों के साथ इन जवानों का उत्साहवर्धन किया।
आतंकी हमले का ‘लाइव’ मुकाबला: जब गूँजी गोलियां
शक्ति प्रदर्शन का सबसे रोमांचक हिस्सा वह था, जब एक ‘हॉस्टेज सिचुएशन’ (बंधक स्थिति) का निर्माण किया गया। दिखाया गया कि कुछ आतंकवादियों ने एक सार्वजनिक इमारत पर कब्जा कर लिया है और आम नागरिकों को बंधक बना लिया है।
- सर्विलांस: सबसे पहले छोटे ड्रोन्स के जरिए इमारत के भीतर की स्थिति का जायजा लिया गया।
- इंट्रूजन (प्रवेश): कमांडोज की एक टीम ने छत से प्रवेश किया, जबकि दूसरी टीम ने ग्राउंड फ्लोर के दरवाजे को विस्फोटक के जरिए चंद सेकंड में उड़ाकर भीतर प्रवेश किया।
- न्यूट्रलाइजेशन: भीतर से अंधाधुंध फायरिंग और ग्रेनेड धमाकों की आवाजें आने लगीं (मॉक ड्रिल के तहत)। महज 3 मिनट के भीतर कमांडोज ने सभी ‘आतंकियों’ को ढेर कर दिया और बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
डॉग स्क्वॉड और IED: बेजुबान योद्धाओं का कमाल
आतंकवाद के खिलाफ जंग सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि तेज दिमाग और सूंघने की शक्ति से भी जीती जाती है। NSG के K9 (डॉग स्क्वॉड) ने मैदान पर अपनी जादुई क्षमता दिखाई।
- मैदान में छिपाई गई एक संदिग्ध वस्तु (Improvised Explosive Device – IED) को NSG के ट्रेंड डॉग ने कुछ ही सेकंड में पहचान लिया।
- डॉग ने बिना किसी शोर के अपने हैंडलर को इशारा किया, जिसके बाद बम निरोधक दस्ता (BDS) हरकत में आया।
- कमांडोज ने रिमोट-कंट्रोल्ड रोबोट का उपयोग कर बम को एक सुरक्षित कंटेनर में डाला और उसे नियंत्रित धमाके के साथ निष्क्रिय कर दिया।
अत्याधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी
शक्ति प्रदर्शन के बाद लाल परेड ग्राउंड के एक हिस्से में हथियारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। यहाँ NSG द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले MP5 सबमशीन गन, स्नाइपर राइफल्स, कॉर्नर शॉट गन और आधुनिक नाइट विजन गैजेट्स को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन हथियारों के बारे में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और जवानों की तकनीकी दक्षता की सराहना की।
मुख्यमंत्री का संबोधन: ‘सुरक्षा सर्वोपरि’

“आज भोपाल ने वह दृश्य देखा है जो हमारी नींद को सुकून देता है। हमारे NSG कमांडो देश की सुरक्षा का वो अभेद्य कवच हैं, जिसे भेदना किसी भी दुश्मन के लिए नामुमकिन है। मध्य प्रदेश पुलिस और NSG का यह समन्वय राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा। हमें गर्व है कि हमारे पास ऐसे जांबाज सैनिक हैं जो पलक झपकते ही काल का ग्रास बनने को तैयार रहते हैं।”
डॉ मोहन यादव, मुख्यमंत्री
DGP कैलाश मकवाणा ने कहा कि इस तरह के प्रदर्शनों से न केवल आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ती है, बल्कि राज्य पुलिस को भी केंद्र की विशिष्ट इकाइयों से सीखने का अवसर मिलता है।
जनता का अनुभव: गर्व और उत्साह
लाल परेड ग्राउंड में हजारों की संख्या में स्कूली छात्र और नागरिक मौजूद थे। एक छात्र ने बताया, “मैंने फिल्मों में कमांडोज को देखा था, लेकिन आज अपनी आंखों के सामने उन्हें हेलीकॉप्टर से उतरते और धमाके करते देखना एक अलग ही अहसास था। अब मैं भी देश सेवा के लिए सेना में जाना चाहता हूँ।”
सुरक्षा और चुनौतियां: 2026 का परिदृश्य
आज का यह पावर शो केवल एक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के प्रति एक चेतावनी भी थी। 2026 के इस दौर में जहाँ साइबर आतंकवाद और ड्रोन हमले बड़े खतरे बनकर उभरे हैं, NSG ने अपनी ‘टेक्नोलॉजी ड्रिवन’ रणनीति का प्रदर्शन कर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत हर चुनौती के लिए तैयार है।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
- स्थान: लाल परेड ग्राउंड, भोपाल।
- मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री मोहन यादव।
- तकनीक: ड्रोन सर्विलांस और रोबोटिक बम डिस्पोजल का उपयोग।
- प्रदर्शन: हेली-स्लिदरिंग, रूम इंटरवेंशन, और वीआईपी रेस्क्यू।
- उद्देश्य: आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस के प्रति जागरूकता और समन्वय।
निष्कर्ष
भोपाल के आसमान में गूंजती हेलीकॉप्टर की आवाज और मैदान पर कमांडोज की फुर्ती ने यह संदेश साफ कर दिया कि ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक हकीकत है। लाल परेड ग्राउंड का यह पावर शो आने वाले लंबे समय तक भोपालवासियों के जेहन में गर्व के रूप में जिंदा रहेगा।