PIB Fact Check ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबर को पकड़ा है। यूट्यूब चैनल ‘Buddhsen92TechOfficial’ के एक वीडियो में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने ‘महिला वर्क फ्रॉम होम योजना’ शुरू की है। इसमें महिलाओं को घर बैठे काम मिलेगा और हर महीने 25 हजार रुपये सैलरी दी जाएगी। लेकिन यह पूरा दावा फर्जी है।
सरकार की ओर से ऐसी कोई योजना नहीं चल रही है।
क्या है यह फर्जी दावा?
सोशल मीडिया और यूट्यूब पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कहा जा रहा है:
- केंद्र सरकार की नई योजना ‘महिला वर्क फ्रॉम होम’।
- महिलाएं घर से काम करेंगी।
- हर महीने ₹25,000 की फिक्स्ड सैलरी।
- आसानी से अप्लाई करें, लिंक क्लिक करें।
कई लोग इसे सच मानकर उत्साहित हो रहे हैं। लेकिन प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने स्पष्ट कहा है कि यह दावा बिल्कुल गलत है।
PIB फैक्ट चेक ने क्या कहा?
PIB Fact Check चेक यूनिट ने आधिकारिक तौर पर इस दावे को खारिज कर दिया है। उन्होंने लिखा:
- यह वीडियो और दावा फर्जी है।
- केंद्र सरकार ऐसी कोई ‘महिला वर्क फ्रॉम होम योजना’ नहीं चला रही।
- ₹25,000 महीना सैलरी का वादा पूरी तरह झूठा है।
- ऐसे लुभावने दावों से बचें।
पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। अगर कोई संदिग्ध खबर, वीडियो या तस्वीर दिखे तो उसे @PIBFactCheck को भेजें।
क्यों फैल रही हैं ऐसी फर्जी योजनाएं?
आजकल ऑनलाइन ठगों की नजर घर बैठे कमाई के सपने पर रहती है। खासकर महिलाओं को टारगेट किया जाता है। कारण:
- महिलाएं घरेलू कामों के साथ अतिरिक्त कमाई चाहती हैं।
- वर्क फ्रॉम होम का लालच आसानी से काम करता है।
- फर्जी यूट्यूब चैनल और वीडियो थंबनेल आकर्षक बनाए जाते हैं।
- लोग जल्दी अमीर बनने का सपना देखते हैं और बिना जांचे लिंक क्लिक कर देते हैं।
पिछले कुछ समय में कई ऐसी फर्जी योजनाएं सामने आई हैं, जैसे:
- फ्री लैपटॉप योजना
- बेरोजगारी भत्ता ₹2500
- मुफ्त मोबाइल फोन
सब फर्जी निकलीं।
असली सरकारी योजनाएं क्या हैं महिलाओं के लिए?
केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई असली योजनाएं चला रही है। लेकिन इनमें घर बैठे फिक्स्ड ₹25,000 सैलरी जैसा कुछ नहीं है। कुछ मुख्य योजनाएं:
- दीनदयाल अंत्योदय योजना – NRLM : ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और स्किल ट्रेनिंग।
- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना : महिलाओं को छोटे बिजनेस के लिए आसान लोन।
- स्टैंड अप इंडिया : महिलाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए मदद।
- स्किल इंडिया मिशन : ऑनलाइन और ऑफलाइन स्किल कोर्स, जिससे वर्क फ्रॉम होम जॉब्स मिल सकते हैं।
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम : स्वरोजगार के अवसर।
आम महिलाओं पर क्या असर पड़ता है?
ऐसे फर्जी दावे कई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं:
- लोग अपनी निजी जानकारी (आधार, बैंक डिटेल्स) फर्जी साइट्स पर डाल देते हैं।
- ठगी होती है, पैसे कट जाते हैं।
- असली सरकारी योजनाओं पर भरोसा कम होता है।
- समय और उम्मीद बर्बाद होती है।
खासकर ग्रामीण और कम पढ़ी-लिखी महिलाएं आसानी से शिकार बन जाती हैं।
आगे क्या करें? बचाव के आसान तरीके
- कोई भी योजना अप्लाई करने से पहले pib.gov.in या myscheme.gov.in पर जांच लें।
- यूट्यूब या सोशल मीडिया पर आए लिंक पर कभी पर्सनल डिटेल्स न डालें।
- संदिग्ध वीडियो/पोस्ट को @PIBFactCheck को रिपोर्ट करें।
- परिवार में महिलाओं को जागरूक करें।
- असली जॉब्स के लिए सरकारी पोर्टल या भरोसेमंद ऐप्स यूज करें।
‘महिला वर्क फ्रॉम होम योजना’ के नाम पर ₹25,000 महीना का दावा पूरी तरह फर्जी है। PIB ने इसे स्पष्ट रूप से फेक घोषित किया है। ऐसे झांसे में न आएं। अपनी मेहनत और स्किल से कमाई करें, फर्जी स्कीम्स से दूर रहें।
सच्ची जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। अगर आपके आसपास कोई ऐसी अफवाह फैला रहा है तो उसे रोकें और शेयर करें ताकि दूसरे भी सावधान रहें।