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असम में सड़कों का जाल: पीएम मोदी ने किया ‘असम माला 3.0’ का भूमि पूजन, 3200 करोड़ से बदलेगी सूरत

असम में सड़कों का जाल: पीएम मोदी ने किया ‘असम माला 3.0’ का भूमि पूजन, 3200 करोड़ से बदलेगी सूरत

गुवाहाटी/नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई गति देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। पीएम मोदी ने आज ‘असम माला 3.0’ (Assam Mala 3.0) परियोजना का भूमि पूजन किया। ₹3,200 करोड़ से अधिक की लागत वाली यह पहल राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है।

900 किलोमीटर नई सड़कों का तोहफा

‘असम माला 3.0’ के तहत असम के कोने-कोने को जोड़ने की योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी स्कीम के माध्यम से राज्य भर में 900 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

यह प्रोजेक्ट केवल सड़कों का निर्माण नहीं है, बल्कि कनेक्टिविटी का एक ऐसा नेटवर्क है जो नेशनल हाईवे को गांव की पगडंडियों से जोड़ेगा। इससे असम के सुदूर इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़े शहरों तक पहुँचना अब पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा।

इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी पर विशेष जोर

इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी (Inter-state connectivity) को मजबूत करना है।

  • असम की सीमाएं कई पड़ोसी राज्यों से लगती हैं।
  • नई सड़कें बनने से व्यापार और आवाजाही सुगम होगी।
  • नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों के बीच का गैप खत्म होगा।
  • लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, जिससे सामान सस्ता होगा।

बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) में बुनियादी ढांचे का विकास

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक लघु फिल्म के माध्यम से बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) क्षेत्र में चल रहे सड़क प्रोजेक्ट्स की झलक भी साझा की।

सरकार का विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर है जो विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गए थे। बीटीसी क्षेत्र में बेहतर सड़कें न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि यहाँ के किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक ले जाने में भी मदद करेंगी।

आम जनता पर क्या होगा असर?

सड़कों का यह जाल बिछने से असम के आम नागरिक के जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा:

  1. समय की बचत: आधुनिक सड़कों से यात्रा का समय आधा रह जाएगा।
  2. आर्थिक प्रगति: सड़क किनारे नए व्यापारिक केंद्र और ढाबे विकसित होंगे।
  3. स्वास्थ्य और शिक्षा: आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस तेजी से अस्पताल पहुँच सकेगी और छात्रों को स्कूल-कॉलेज जाने में सुविधा होगी।
  4. रोजगार के अवसर: 3200 करोड़ के इस निवेश से स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को काम मिलेगा।

क्यों जरूरी है ‘असम माला 3.0’?

असम की भौगोलिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। मानसून के दौरान अक्सर सड़कें खराब हो जाती हैं। ऐसे में ‘असम माला 3.0’ के तहत उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों का निर्माण राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा। यह प्रोजेक्ट न केवल असम को, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत को ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

विकास की नई उड़ान

‘असम माला 3.0’ का भूमि पूजन प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को साकार करता है। बुनियादी ढांचे पर किया गया यह भारी निवेश आने वाले वर्षों में असम को भारत के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर देगा।

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