इस खबर पर मेरा नजरिया:
यह खबर डोनाल्ड ट्रंप की विशिष्ट कूटनीतिक शैली और उनके ‘ट्रेड के जरिए’ मुद्दों को सुलझाने के दावों को उजागर करती है। हालांकि, भारत सरकार और सेना द्वारा उनके इन दावों का बार-बार खंडन करना यह स्पष्ट करता है कि वास्तविकता ट्रंप के बयानों से कहीं अलग है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में, मध्यस्थता या हस्तक्षेप का दावा करने से पहले सभी पक्षों की सहमति और स्वीकार्यता आवश्यक होती है, जो इस मामले में स्पष्ट रूप से अनुपस्थित है। ट्रंप का यह दावा, विशेषकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘विमान गिराए जाने’ के संदर्भ में, भारतीय परिप्रेक्ष्य से तथ्यात्मक रूप से गलत प्रतीत होता है। पुलवामा के बाद भारत की प्रतिक्रिया और उसके बाद की घटनाओं को भारत ने अपनी संप्रभुता और आत्मरक्षा के अधिकार के तहत उठाया गया कदम बताया है। ऐसे में किसी बाहरी शक्ति द्वारा ‘युद्ध विराम’ कराने का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। यह दिखाता है कि नेता अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए अक्सर घटनाओं की व्याख्या अपने तरीके से कर सकते हैं, भले ही वे आधिकारिक रिकॉर्ड या अन्य देशों के बयानों से मेल न खाएं।
अब खबर…
नई दिल्ली: BDC NEWS
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर इस दावे के साथ सामने आए हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ‘ट्रेड डील’ के नाम पर दोनों देशों के बीच युद्ध विराम (सीजफायर) करवाया था। यह बयान तब आया है जब भारत सरकार और उसकी सेना कई बार ट्रंप के ऐसे दावों को खारिज कर चुकी है, यह स्पष्ट करते हुए कि संघर्ष विराम में किसी तीसरे देश का कोई हस्तक्षेप नहीं था।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (पुलवामा हमले के जवाब में) चलाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। उनके अनुसार, हालात ऐसे थे कि विमान मार गिराए जा रहे थे और परमाणु शक्ति से लैस ये दोनों देश एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप से बड़ा टकराव टल गया और उन्होंने “कई युद्ध रोके।”
‘ट्रेड के जरिए विवाद सुलझाने’ का दावा
ट्रंप ने इसे “एक नई किस्म की जंग” जैसी स्थिति बताया और इसकी तुलना ईरान के साथ अमेरिका के संबंधों से की, जहां उनका दावा है कि उन्होंने ईरान की परमाणु क्षमता को “पूरी तरह खत्म” कर दिया था। उन्होंने कहा, “हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे, और हमने इसे ट्रेड के जरिए सुलझाया। हमने कहा- अगर तुम लोग हथियारों (और शायद परमाणु हथियारों) का इस्तेमाल करते रहोगे, तो हम कोई व्यापार समझौता नहीं करेंगे।”
भारत का रुख स्पष्ट: ट्रंप के दावे निराधार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी कई बार भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में अपनी भूमिका का दावा कर चुके हैं। हालांकि, भारत सरकार और भारतीय सेना दोनों ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भारत का हमेशा से यह कहना रहा है कि संघर्ष विराम दोनों देशों की आपसी बातचीत और निर्णय का परिणाम था, जिसमें किसी भी तीसरे पक्ष की कोई मध्यस्थता नहीं थी
कांग्रेस के तीन सवाल
ट्रम्प के दावों पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से 3 सवाल किए हैं। पहला– क्या ट्रम्प ने वाकई सीजफायर रुकवाई, वे इसका 24 बार जिक्र कर चुके हैं। दूसरा– क्या ट्रम्प ने व्यापार की धमकी देकर जंग रुकवाई, तीसरा- जंग में 5 लड़ाकू विमान किसके गिरे। कांग्रेस ट्रम्प के इन्हीं दावों पर मानसून सत्र में केंद्र सरकार से जवाब चाहती है। मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं।