तिरुवनंतपुरम। BDC News/bhopalonline.org
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक ऐतिहासिक रोड शो के जरिए चुनावी शंखनाद किया। थंपानूर ओवरब्रिज से पुथरिकंडम मैदान तक आयोजित इस भव्य रोड शो में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने न केवल केरल के विकास के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, बल्कि ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ योजना का शुभारंभ कर रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाने का एक नया अध्याय भी शुरू किया।
विकास की नई उड़ान: परियोजनाओं का उपहार
प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम में विभिन्न विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पीएम स्वनिधि ऋण योजना रही, जिसके तहत प्रधानमंत्री ने देशभर के एक लाख लाभार्थियों को ऋण वितरित किए।
संबोधन के मुख्य बिंदु: ‘विकसित भारत में शहरों की भूमिका’
पुथरिकंडम मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा देश ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए एकजुट है। उनके भाषण की कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार रहीं:
- शहरी विकास पर जोर: पीएम ने कहा कि विकसित भारत बनाने में हमारे शहरों का योगदान महत्वपूर्ण है। पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश किया है।
- गरीबों को पक्का घर: पीएम आवास योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देश में 4 करोड़ से अधिक घर बनाए गए हैं। केरल के सवा लाख शहरी गरीब परिवारों को पक्के घर की सौगात मिली है।
- मध्यम वर्ग को बड़ी राहत: प्रधानमंत्री ने 12 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त (Tax-Free) करने के फैसले को मध्यम वर्ग के लिए ऐतिहासिक बताया, जिसका सीधा लाभ केरल के नौकरीपेशा लोगों को मिल रहा है।
- गारंटर बनी सरकार: पीएम ने जोर देकर कहा कि पहले बैंकों के दरवाजे गरीबों के लिए बंद थे, लेकिन अब एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और मछुआरों को आसानी से लोन मिल रहे हैं क्योंकि उनकी गारंटी खुद भारत सरकार दे रही है।
‘अमीरों का नहीं, अब रेहड़ी-पटरी वालों का भी होगा क्रेडिट कार्ड’
रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए पीएम ने पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया। उन्होंने कहा: “एक समय था जब क्रेडिट कार्ड को केवल अमीरों की पहचान माना जाता था, लेकिन आज भारत की गलियों में सामान बेचने वाले छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वालों के पास भी अपना क्रेडिट कार्ड होगा। यह केवल कार्ड नहीं, बल्कि उनके सम्मान और सामर्थ्य का प्रतीक है।” उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केरल के 10 हजार और अकेले तिरुवनंतपुरम के 600 साथियों को यह कार्ड प्रदान किए गए हैं।
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