आनंदपुर धाम ट्रस्ट विवाद: यौन शोषण और काले धन के खेल में IAS अधिकारियों के नाम उछाले कांग्रेस ने

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भोपाल में कांग्रेस का बड़ा खुलासा: आरोपों के घेरे में आनंदपुर धाम

भोपाल. ‌‌ BDC NEWS/bhopalonline.org

अशोकनगर जिले का प्रसिद्ध आनंदपुर धाम ट्रस्ट गंभीर विवादों के केंद्र में आ गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ट्रस्ट पर यौन शोषण, जमीन हड़पने, गो-तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की तुलना हरियाणा के ‘डेरा सच्चा सौदा’ कांड से करते हुए इसे प्रदेश का सबसे बड़ा संगठित अपराध बताया है।

3 IAS अधिकारियों पर ‘ब्लैक मनी’ को सफेद करने का आरोप

अहिरवार ने सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र पर हमला बोलते हुए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों—विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल—के नामों का खुलासा किया। कांग्रेस का आरोप है कि ये अधिकारी ट्रस्ट के 700 से 800 करोड़ रुपये के सालाना काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। हालांकि, संबंधित अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

आपत्तिजनक वीडियो जारी: यौन शोषण और देह व्यापार का दावा

कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 5 वीडियो साक्ष्य के रूप में पेश किए, जिनमें से 3 वीडियो अत्यंत आपत्तिजनक बताए जा रहे हैं। अहिरवार का दावा है कि इन वीडियो में आश्रम के ‘महात्मा’ और बाबा अश्लील हरकतों और अनैतिक संबंधों में लिप्त दिख रहे हैं। आरोप है कि आश्रम के भीतर दलित और आदिवासी महिलाओं व युवकों का यौन शोषण किया जा रहा है और एक संगठित देह व्यापार का रैकेट चलाया जा रहा है। एक वीडियो में महिला सेवादार द्वारा लड़कियों की ‘सप्लाई’ करने के दबाव का भी जिक्र किया गया है।

गो-तस्करी और जमीन कब्जा: प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने आदिवासियों की निजी जमीन और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसके अलावा, आश्रम परिसर का उपयोग गो-तस्करी और आपराधिक तत्वों को पनाह देने के लिए किया जा रहा है। अहिरवार ने सवाल उठाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस और कलेक्टर ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने इसे ‘प्रशासनिक संरक्षण’ में चल रहा अपराध करार दिया।

CBI जांच की मांग और हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) से जांच कराई जाए और पीड़ितों को तत्काल पुलिस सुरक्षा दी जाए। प्रदीप अहिरवार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक आश्रम का मामला नहीं, बल्कि वंचित वर्गों की सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा का सवाल है।


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