Sona Chandi ka Bhav: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानें आज क्या हैं 10 ग्राम सोने और 1 किलो चांदी के दाम
बिजनेस डेस्क। BDC News|bhopalonline.org
Sona Chandi ka Bhav: वैश्विक बाजारों में मची हलचल और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दो सत्रों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया है। मंगलवार को बाजार बंद होने तक सोने की कीमतों में 960 रुपये की कमी आई, जिससे यह 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। वहीं, चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है और इसमें 2640 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ भाव 2.61 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं।
क्यों आई कीमतों में गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के इंडेक्स में आए सुधार ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। डॉलर एक हफ्ते के निचले स्तर से उबरकर फिर से मजबूत हुआ है। इसके अलावा, वैश्विक निवेशक इस सप्ताह आने वाले अमेरिका के रोजगार और महंगाई के आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन आंकड़ों से ही भविष्य में ब्याज दरों की दिशा तय होगी, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) की कीमत 1% गिरकर 5,016.56 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। गौर करने वाली बात यह है कि इसी साल 29 जनवरी को सोने ने 5,594.82 डॉलर का अपना ऑल-टाइम हाई स्तर छुआ था। चांदी की बात करें तो स्पॉट सिल्वर 2.5% टूटकर 81.31 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। पिछले सत्र में चांदी में करीब 7% की भारी तेजी देखी गई थी, लेकिन मुनाफावसूली के चलते अब इसमें गिरावट है।
MCX और घरेलू बाजार की स्थिति
घरेलू वायदा बाजार (MCX) पर भी कीमतों में अस्थिरता का माहौल है। सोमवार को जहां सोना और चांदी जबरदस्त बढ़त के साथ बंद हुए थे, वहीं अब उनमें सुधार (Correction) देखा जा रहा है। सोमवार को एमसीएक्स गोल्ड 1.58 लाख रुपये और चांदी 2.62 लाख रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। शुद्धता के आधार पर देखें तो 99.9% शुद्ध सोना फिलहाल अपने रिकॉर्ड स्तरों के करीब बना हुआ है, लेकिन निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों पर टिकी है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार के जानकारों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट शॉर्ट-टर्म ‘प्रॉफिट बुकिंग’ हो सकती है। आगामी अमेरिकी आर्थिक डेटा आने तक बाजार में इसी तरह की ‘वॉलेटिलिटी’ (अस्थिरता) बनी रह सकती है। शादी-ब्याह के सीजन के बीच इन धातुओं की मांग घरेलू स्तर पर मजबूत बनी हुई है, जिससे लंबी अवधि में इनके दाम फिर से ऊपर जा सकते हैं।
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