बिजनेस डेस्क।BDC News| bhopalonline.org
वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमतों में ₹12,077 की भारी कटौती दर्ज की गई है, जिसके बाद भाव ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गए हैं। बाजार विशेषज्ञों का दावा है कि कीमतों में एक दिन के भीतर आई यह गिरावट पिछले 40 वर्षों में सबसे बड़ी है।
चांदी की स्थिति और भी गंभीर है। औद्योगिक मांग में कमी और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते चांदी ₹30,864 गिरकर ₹2.01 लाख प्रति किलो पर बंद हुई। पिछले 24 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो जंग के साये में सोना करीब ₹24,000 और चांदी ₹65,000 से अधिक सस्ती हो चुकी है।
कीमतों में गिरावट के 3 प्रमुख कारण
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आमतौर पर युद्ध के समय सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार रुझान विपरीत है…
- लिक्विडिटी (नकद) की प्राथमिकता: युद्ध की अनिश्चितता को देखते हुए निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के बजाय ‘कैश’ को तरजीह दे रहे हैं। वे अपनी होल्डिंग्स बेचकर लिक्विड मनी जमा कर रहे हैं।
- भारी प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी 2026 में सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख के अपने ऑल-टाइम हाई पर थे। ऊंचे स्तरों पर बड़े निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त फैसलों ने कीमती धातुओं की चमक को फीका कर दिया है।
शहरों के बीच कीमतों में अंतर की वजह
देश के अलग-अलग हिस्सों में सोने के भाव एक समान नहीं रहते। इसके पीछे मुख्य रूप से ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च, दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में ज्यादा खपत के कारण मिलने वाली छूट, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन के नियम और ज्वेलर्स के पास उपलब्ध पुराना स्टॉक (खरीद मूल्य) जिम्मेदार होते हैं।
विशेषज्ञ की राय: कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया का मानना है कि कीमतों में गिरावट का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि फिलहाल नई खरीदारी से बचें और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें।
खरीदारों के लिए जरूरी टिप्स
- हॉलमार्किंग: सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क (HUID) जरूर चेक करें। यह 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जो शुद्धता की गारंटी देता है।
- भाव का मिलान: खरीदारी से पहले IBJA की आधिकारिक वेबसाइट पर उस दिन के 24k, 22k और 18k के रेट्स क्रॉस-चेक करें।
- चांदी की शुद्धता: घर पर चांदी की जांच के लिए मैग्नेट टेस्ट (असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती) और आइस टेस्ट (चांदी पर बर्फ तेजी से पिघलती है) जैसे आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं।
सोने की शुद्धता और कीमतों का तुलनात्मक चार्ट (अनुमानित)
| सोने का प्रकार | शुद्धता (Percentage) | मुख्य उपयोग | मौजूदा अनुमानित भाव (प्रति 10 ग्राम) |
| 24 कैरेट (24K) | 99.9% | सिक्के, बिस्किट और निवेश | ₹1,35,000 |
| 22 कैरेट (22K) | 91.6% | भारी आभूषण (Jewelry) | ₹1,23,750* |
| 18 कैरेट (18K) | 75.0% | डायमंड और स्टोन ज्वेलरी | ₹1,01,250* |
नोट: ऊपर दिए गए 22K और 18K के दाम 24 कैरेट के मौजूदा भाव (₹1.35 लाख) के अनुपात में निकाले गए हैं। वास्तविक बाजार में मेकिंग चार्ज और GST (3%) अलग से देय होते हैं।
कैरेट के बीच मुख्य अंतर: एक नजर में
- 24 कैरेट: यह सबसे शुद्ध रूप है, लेकिन बहुत नरम होने के कारण इससे जटिल आभूषण नहीं बनाए जा सकते। इसे ‘प्राइम गोल्ड’ माना जाता है।
- 22 कैरेट: इसमें 8.4% अन्य धातुएं (जैसे तांबा या जस्ता) मिलाई जाती हैं ताकि सोना सख्त हो सके। अधिकांश भारतीय शादियों के गहने इसी में बनते हैं।
- 18 कैरेट: इसमें 25% अन्य धातुएं होती हैं। यह काफी मजबूत होता है, इसलिए कीमती पत्थरों और हीरों की सेटिंग के लिए इसे सबसे उपयुक्त माना जाता है।