नई दिल्ली। BDC News|bhopalonline.org
तकनीक और कूटनीति के क्षेत्र में भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत आधिकारिक तौर पर अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) गठबंधन में शामिल हो गया है। AI इम्पैक्ट समिट के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारत में अमेरिकी दूत सर्जियो गोर की उपस्थिति में इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
क्या है पैक्स सिलिका (Pax Silica)?
‘पैक्स सिलिका’ शब्द में “पैक्स” शांति और स्थिरता का प्रतीक है, जबकि “सिलिका” आधुनिक तकनीक (सेमीकंडक्टर और चिप्स) को दर्शाता है। यह गठबंधन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक खनिज सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए अमेरिका का एक प्रमुख कंच है। इसकी शुरुआत 12 दिसंबर 2023 को वाशिंगटन में हुई थी।
अमेरिकी आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेल्बर्ग के अनुसार, जिस तरह 20वीं सदी तेल और स्टील पर टिकी थी, 21वीं सदी कंप्यूटर और AI पर आधारित है। इसे चलाने के लिए लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति अनिवार्य है।
गठबंधन का मुख्य उद्देश्य
पैक्स सिलिका का लक्ष्य “भरोसेमंद देशों” का एक ऐसा समूह बनाना है जो चीन जैसे देशों पर निर्भरता कम करके एक वैकल्पिक और सुरक्षित टेक इकोसिस्टम तैयार कर सकें।
- सप्लाई चेन की सुरक्षा: लिथियम, कोबाल्ट और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग और सप्लाई को सुनिश्चित करना।
- AI और सॉफ्टवेयर: सुरक्षित AI मॉडल और सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए तकनीकी साझाकरण।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: फाइबर ऑप्टिक केबल, डेटा सेंटर और भरोसेमंद आईसीटी (ICT) नेटवर्क का निर्माण।
- आर्थिक सुरक्षा: गलत बाजार प्रथाओं (Market Practices) से निपटना और संवेदनशील तकनीक की सुरक्षा करना।
भारत की भूमिका और महत्व
भारत के शामिल होने के साथ ही इस गठबंधन में अब कुल 10 हस्ताक्षरकर्ता देश हो गए हैं। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत एक मैन्युफैक्चरिंग हब और तकनीकी शक्ति के रूप में उभर रहा है। पैक्स सिलिका में शामिल होने से भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण, खनिज प्रोसेसिंग और उन्नत एआई अनुसंधान में वैश्विक निवेश और सहयोग प्राप्त होगा।