नई दिल्ली| BDC News|bhopalonline.org
लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान उस समय राजनीतिक पारा चढ़ गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापारिक समझौते (Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने इस समझौते को देश के हितों का ‘पूर्ण समर्पण’ (Whole Sole Surrender) करार देते हुए आरोप लगाया कि यह डील बराबरी की शर्तों पर नहीं की गई है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस सौदे में भारतीय किसानों के हितों की बलि चढ़ा दी गई है और उन्हें बुरी तरह कुचला गया है। अपने संबोधन के दौरान गांधी ने यहाँ तक कह दिया कि ऐसी डील पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं की और भविष्य में भी कोई नहीं करेगा, उन्होंने सरकार पर “भारत माता को बेचने” जैसा गंभीर आरोप लगाया।
किरेन रिजिजू का जवाब: “कोई माई का लाल देश को बेच नहीं सकता”
राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार की ओर से केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभाला और बेहद कड़े शब्दों में पलटवार किया। रिजिजू ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि देश में “कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ” जो भारत को बेच या खरीद सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का सबसे मजबूत प्रधानमंत्री बताते हुए विपक्ष के नेता के आरोपों को बेबुनियाद और साक्ष्य-विहीन करार दिया। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि चेयर के फैसले का सम्मान करते हुए विपक्ष के नेता को अपने द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को साबित करना चाहिए, क्योंकि बिना सबूत के ऐसी बातें करना लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है।
“भारत की प्रगति से दुखी है कांग्रेस”
भाषण के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि आज भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसलिए कांग्रेस पार्टी दुखी है और निराधार आरोप लगाकर देश की छवि को प्रभावित करना चाहती है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की संप्रभुता और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
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