MP News: सीहोर बनेगा दलहन मिशन का केंद्र, 8 राज्यों के मंत्री करेंगे मंथन

Shivraj Singh Chauhan in Sehore Shivraj Singh Chauhan in Sehore

सीहोर | 5 फरवरी 2026 | Bhopalonline.org | BDC News :
भारत को दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मध्य प्रदेश का सीहोर जिला एक ऐतिहासिक गवाह बनने जा रहा है। आगामी 7 फरवरी 2026 को सीहोर के आमला स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र (FLRP) में एक हाई-प्रोफाइल ‘राष्ट्रीय परामर्श’ बैठक आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।

शिवराज सिंह और मोहन यादव करेंगे अत्याधुनिक लैब का लोकार्पण

इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। दोनों दिग्गज नेता FLRP में न केवल नई प्रयोगशालाओं का उद्घाटन करेंगे, बल्कि ‘पल्सेस मिशन पोर्टल’ भी लॉन्च करेंगे। यह पोर्टल किसानों को तकनीक से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।

  • तारीख: 7 फरवरी 2026
  • स्थान: FLRP, आमला (सीहोर)
  • खास बात: 8 से ज्यादा राज्यों के कृषि मंत्री इस मंथन में शामिल होंगे।

खेतों में उतरेंगे केंद्रीय मंत्री, किसानों से होगा सीधा संवाद

खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) केवल मंच तक सीमित नहीं रहेंगे। वे सीहोर के खेतों का दौरा करेंगे और वहां नई किस्मों के प्रदर्शन को देखेंगे। वे सीधे किसानों से बात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनेंगे। इसके साथ ही प्रगतिशील किसानों को दालों के उन्नत बीजों का वितरण भी किया जाएगा।

दालों में आत्मनिर्भर बनेगा भारत: ‘खेत से थाली’ तक की रणनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए इस सम्मेलन में तूर, उड़द और मसूर जैसी फसलों पर फोकस किया जाएगा।

  • MSP पर चर्चा: दालों की उचित कीमत और समय पर खरीद सुनिश्चित करने पर मंथन होगा।
  • नई तकनीक: ICAR और ICARDA के वैज्ञानिक कम पानी में अधिक पैदावार वाली किस्में पेश करेंगे।
  • साझा मंच: इस मीटिंग में सरकार, बीज उत्पादक, उद्योग जगत और FPO एक साथ बैठेंगे।

जनता और किसानों पर क्या होगा असर?

इस मिशन का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि भारत को दालों के लिए दूसरे देशों (आयात) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

  1. किसानों की आय: नई तकनीक और बेहतर बाजार मिलने से किसानों की कमाई बढ़ेगी।
  2. सस्ती दालें: उत्पादन बढ़ने से भविष्य में आम जनता को भी वाजिब दाम पर दालें मिल सकेंगी।
  3. पोषण सुरक्षा: देश के हर नागरिक की थाली तक प्रोटीन युक्त दालें पहुंचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

भविष्य की स्पष्ट कार्ययोजना

सीहोर का यह सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा के लिए एक नई दिशा है। केंद्र और राज्यों का यह ‘सहयोगी संघवाद’ दालों के उत्पादन में भारत को दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार करेगा। 7 फरवरी के इस आयोजन के बाद किसानों के लिए खेती का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।

MP News: मध्य प्रदेश में आयुर्वेद की लहर! महज 2 साल में 8 नए कॉलेजों को मिली मंजूरी, छात्रों की हुई बल्ले-बल्ले

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *