छिंदवाड़ा। BDC New|bhopalonline.org
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित ग्राम पंचायत भोड़ियापानी पहुंचे। यहाँ उन्होंने भारिया जनजातीय समुदाय के साथ सीधा संवाद किया और विकास कार्यों का जायजा लिया। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा अभियान’ का मुख्य लक्ष्य आदिवासी समाज के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।
योजनाओं का लाभ और प्रशासन की तारीफ
राज्यपाल ने कार्यक्रम के दौरान छिंदवाड़ा जिला प्रशासन की जमकर पीठ थपथपाई। विशेष रूप से ‘पीएम जनमन’ अभियान के तहत आवास निर्माण में देश भर में अव्वल रहने पर उन्होंने कलेक्टर और उनकी टीम को बधाई दी।
राज्यपाल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि:
- योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक समय पर पहुँचे।
- विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
- जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार युद्ध स्तर पर हो।
सिकल सेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता

राज्यपाल श्री पटेल ने स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता जताई। उन्होंने ग्रामीणों से सिकल सेल एनीमिया और टीबी (क्षय रोग) की समय पर जांच कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकार इन बीमारियों के लिए मुफ्त दवाएं उपलब्ध करा रही है, बस जरूरत है नियमित उपचार और जागरूकता की। उन्होंने छिंदवाड़ा को ‘सिकल सेल मुक्त’ जिला बनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
नवाचार: ‘स्वच्छता साथी’ और ‘होम-स्टे’ का निरीक्षण

राज्यपाल ने जिले में हो रहे अनूठे प्रयोगों की भी सराहना की:
- वॉश ऑन व्हील्स: ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का शुभारंभ किया गया। इसके जरिए शौचालयों की सफाई और मरम्मत की जाती है, जिससे अब तक 55 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की जा चुकी है।
- पर्यटन से स्वरोजगार: ग्राम चिमटीपुर में होम-स्टे का निरीक्षण करते हुए राज्यपाल ने हितग्राही रूपलाल पन्द्राम से चर्चा की। रूपलाल ने बताया कि हर महीने 15-20 पर्यटक रुकते हैं, जिससे अच्छी कमाई हो रही है।
- प्राकृतिक खेती: राज्यपाल ने किसान पूरनलाल इनवाती का उत्साह बढ़ाया, जिन्होंने प्राकृतिक खेती से 8 लाख रुपये की आय प्राप्त की है।
हितग्राहियों को मिली मदद की सौगात
कार्यक्रम में राज्यपाल ने करोड़ों की सहायता राशि और प्रमाणपत्र बांटे:
- 11 स्व-सहायता समूहों को 47 लाख रुपये के चेक।
- बिरसा मुंडा और टंट्या मामा स्वरोजगार योजनाओं के तहत हितलाभ।
- हिंसक जानवरों से बचाव के लिए वीरता दिखाने वाली छात्रा कपूरी भारती का सम्मान।
क्यों खास है यह दौरा?
राज्यपाल का यह दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समुदाय के साथ भावनात्मक जुड़ाव की कोशिश है। जब प्रदेश का मुखिया खुद जमीन पर बैठकर ग्रामीणों के साथ पारंपरिक भोजन ( राजवती भारती के घर) करता है, तो जनता का शासन पर भरोसा बढ़ता है। पातालकोट जैसे दुर्गम क्षेत्रों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘पातालकोट आजीविका उत्पाद’ के जरिए स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलना एक बड़ा बदलाव है।
यह भी पढ़ें…. Economic Survey 2026: आपकी जेब और रसोई पर क्या होगा असर?