भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच हुए नए व्यापार समझौते (Trade Deal) का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुई यह डील देश के राज्यों के लिए तरक्की के नए द्वार खोलेगी। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि आम जनता के लिए सामान भी सस्ता होगा।
भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जब दुनिया के कई देशों में आर्थिक अस्थिरता है, तब भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि:
- यह डील भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
- डेढ़ अरब की आबादी वाले भारत के लिए यह कूटनीतिक और आर्थिक जीत है।
- विदेशी निवेश (FDI) आने से राज्यों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
निर्यात बढ़ेगा और चीजें होंगी सस्ती
इस ट्रेड डील का सबसे सीधा असर आम आदमी की जेब और देश के व्यापार पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने इसके मुख्य फायदों को रेखांकित किया:
- आयात में कमी: भारत अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा, जिससे बाहरी देशों पर निर्भरता कम होगी।
- सस्ता सामान: विदेशी व्यापार की बाधाएं दूर होने से बाजारों में वस्तुओं की कीमतें कम होंगी।
- राज्यों को लाभ: मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के स्थानीय उत्पादों (जैसे कृषि और हैंडलूम) को यूरोप के बड़े बाजारों तक पहुंच मिलेगी।
क्यों खास है यह ‘न्यू ट्रेड डील’?
यूरोपियन यूनियन के साथ यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को ग्लोबल पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत अब वैश्विक मंच पर सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि एक बड़े ‘सप्लायर’ के रूप में उभर रहा है।
“यह समझौता केवल व्यापार नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक सशक्तिकरण की नई गाथा है।” – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
निष्कर्ष: आगे की राह
भारत और यूरोपियन यूनियन की यह जुगलबंदी आने वाले समय में देश के जीडीपी (GDP) में बड़ा उछाल ला सकती है। राज्यों को मिलने वाला सीधा लाभ स्थानीय उद्योगों को पुनर्जीवित करेगा। अब देखना यह है कि इस डील के जमीनी क्रियान्वयन से मध्य प्रदेश जैसे राज्य कितनी जल्दी अपनी विकास दर को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
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