8th Pay Commission: 1.92 फिटमेंट फैक्टर से बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, जानें कितनी होगी नई बेसिक पे

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कर्मचारियों की उम्मीदें और राजकोषीय संतुलन

अजय तिवारी. संपादक

8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट ने देश के लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों में नई ऊर्जा भर दी है। लंबे समय से बढ़ती महंगाई और जीवन स्तर में आए बदलावों के बीच, फिटमेंट फैक्टर में 1.92 की वृद्धि की मांग केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं, बल्कि कर्मचारियों की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। 10 साल के अंतराल पर वेतन का पुनरीक्षण एक संवैधानिक और प्रशासनिक परंपरा है, जो सरकारी तंत्र की कार्यकुशलता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

हालांकि, सरकार के सामने चुनौती केवल वेतन बढ़ाने की नहीं, बल्कि राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित रखने की भी है। 1.92 का फिटमेंट फैक्टर सरकारी खजाने पर बड़ा बोझ डालेगा, जिसे संतुलित करना वित्त मंत्रालय के लिए एक कड़ा इम्तिहान होगा। लेकिन जिस तरह से निजी क्षेत्र में वेतन वृद्धि हो रही है, सरकारी सेवाओं में प्रतिभा को आकर्षित करने और वर्तमान कार्यबल को प्रोत्साहित करने के लिए 8वां वेतन आयोग एक अपरिहार्य कदम है। अब देखना यह है कि सरकार बजट और कर्मचारियों की उम्मीदों के बीच किस तरह का संतुलन साधती है।

यह रही खबर..

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नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सरकार नए वेतन आयोग के गठन और फिटमेंट फैक्टर में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इस बार चर्चा है कि सरकार 1.92 फिटमेंट फैक्टर का फॉर्मूला लागू कर सकती है, जिससे कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी और पेंशन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। आमतौर पर हर 10 साल में लागू होने वाले इस नियम के तहत, सातवें वेतन आयोग के बाद अब जनवरी 2026 से नई सिफारिशें लागू होने की प्रबल संभावना है।

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वेतन गणना: कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी?

फिटमेंट फैक्टर वह पैमाना है जो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय करने में मुख्य भूमिका निभाता है। यदि सरकार 1.92 का फैक्टर लागू करती है, तो वर्तमान में ₹18,000 न्यूनतम बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी का वेतन सीधे बढ़कर ₹34,560 हो जाएगा। इसी तरह, लेवल-2 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹19,900 से बढ़कर ₹38,208 होने का अनुमान है। केवल बेसिक ही नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ने वाले भत्ते जैसे मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) भी बढ़ेंगे। उदाहरण के तौर पर, मेट्रो सिटी में रहने वाले कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी ₹60,000 के पार जा सकती है।

पेंशनभोगियों को राहत और आधिकारिक घोषणा का इंतजार

8वें वेतन आयोग का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के करोड़ों पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन में भी भारी उछाल आएगा। 1.92 के फिटमेंट फैक्टर से पेंशन का बेसिक स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाएगा, जो रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ी आर्थिक राहत साबित होगा। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इस पर अंतिम आधिकारिक मुहर लगना बाकी है, लेकिन विशेषज्ञ इसे जनवरी 2026 से लागू मानकर चल रहे हैं।


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