सार… बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना को मौत की सज़ा दी गई है. अदालत ने मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दोषी माना है। शेख हसीना को दो गंभीर आरोपों, जिनमें हत्या के लिए उकसाना और हत्या का आदेश देना शामिल है, में दोषी पाया है।
ढाका। BDC News
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को ढाका के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (International Crimes Tribunal – ICT) ने मौत की सजा सुनाई है। न्यायाधिकरण ने उन्हें 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया है। अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला लगभग 400 पृष्ठों और छह खंडों में आया है। न्यायालय ने शेख हसीना को दो गंभीर आरोपों, जिनमें हत्या के लिए उकसाना और हत्या का आदेश देना शामिल है, में दोषी पाया है।
सह-आरोपियों को भी सजा
इस मामले में दूसरे मुख्य आरोपी, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी 12 लोगों की हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सज़ा सुनाई गई है। हालांकि, तीसरे आरोपी, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IGP) अब्दुल्ला अल-ममून को सरकारी गवाह बनने के बदले में 5 साल कैद की सजा दी गई है।
संपत्ति जब्त और भारत में शरण
कोर्ट ने आदेश दिया है कि शेख हसीना और असदुज्जमां खान की बांग्लादेश में मौजूद सभी संपत्तियाँ जब्त कर ली जाएँ। ज्ञात हो कि दोनों दोषी फरार हैं और कथित तौर पर पिछले 15 महीनों से भारत में शरण ले रहे हैं।
शेख हसीना पर लगे 5 संगीन आरोप
ट्रिब्यूनल में शेख हसीना पर पाँच मुख्य आरोप लगाए गए थे, जो निम्नलिखित हैं:
- उत्पीड़न और हिंसा को बढ़ावा देना: आरोप है कि हसीना ने पुलिस और अवामी लीग से जुड़े हथियारबंद तत्वों को आम नागरिकों पर हमला करने के लिए उकसाया, हिंसा को बढ़ावा दिया और इसे रोकने में कोई कदम नहीं उठाया।
- घातक हथियारों का इस्तेमाल: उन पर छात्र प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए घातक हथियारों, साथ ही हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों का इस्तेमाल करने का आदेश देने का आरोप था।
- अबू सैयद की हत्या: 16 जुलाई को बेगम रौकेया यूनिवर्सिटी के छात्र अबू सैयद की हत्या से जुड़ा आरोप। इसमें हत्या के आदेश, साजिश रचने और अपराध में शामिल होने की बात कही गई है।
- निहत्थे प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हत्या: 5 अगस्त को ढाका के चांखारपुल में छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप। यह हत्या हसीना के सीधे आदेश, उकसावे और साजिश के कारण होने की बात कही गई है।
- प्रदर्शनकारियों को जलाना: पाँच प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर हत्या करने और उनकी लाशें जलाने का गंभीर आरोप। इसके अलावा, एक प्रदर्शनकारी को जिंदा जला देने का भी आरोप है।