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MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 11 अप्रैल तक बदलेगा

MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 11 अप्रैल तक बदलेगा

भोपाल
BDC News|bhopalonline.org

मध्य प्रदेश में गर्मी के बीच एक बार फिर कुदरत का मिजाज बदल गया है। प्रदेश में एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने से आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने अगले 3 दिनों तक राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भारी उथल-पुथल की चेतावनी जारी की है।

आज 34 जिलों में ‘येलो अलर्ट’

मंगलवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम का असर दिखेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के बाद हवाओं की रफ्तार अचानक बढ़ेगी। भोपाल और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों समेत कुल 34 जिलों में आंधी के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

इन जिलों में रहेगा असर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर।


60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

इस बार केवल बारिश ही नहीं, बल्कि ‘तूफानी आंधी’ का भी खतरा है।

  • कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक जा सकती है।
  • शेष जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है।
  • यह स्थिति मुख्य रूप से दोपहर के बाद और शाम के समय बनेगी।

जैसा मौसम वैज्ञानिकों ने बताया


8 और 9 अप्रैल को भी राहत नहीं

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम फिलहाल शांत होने वाला नहीं है। 8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में आंधी-बारिश की सक्रियता बनी रहेगी। इसके बाद 11 अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक्टिव हो रहा है, जो उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के मौसम को फिर से प्रभावित कर सकता है।


इस साल मार्च-अप्रैल में ‘अजीब’ मौसम

आमतौर पर अप्रैल और मई मध्य प्रदेश में सबसे गर्म महीने होते हैं, लेकिन इस बार नजारा कुछ अलग है।

  1. बेमौसम बरसात: मार्च में चार बार मौसम बदला, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ।
  2. ओलावृष्टि: अप्रैल की शुरुआत में ही (4-6 अप्रैल) कश्मीर जैसा नजारा दिखा, जब 14 जिलों में ओले गिरे और 39 जिलों में बारिश हुई।
  3. पारे में गिरावट: पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से तापमान में वह बढ़ोतरी नहीं देखी जा रही है, जो आमतौर पर अप्रैल के पहले पखवाड़े में होती है।

सावधानी की अपील: मौसम विभाग ने किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थान पर रखने और आम लोगों को आंधी के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी है।


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