रफ्तार पकड़ेगा भारत: 7 बड़ी सड़क परियोजनाओं को मिली हरी झंडी, जानें आपके शहर को क्या मिला?

7 बड़ी सड़क परियोजनाओं को मिली हरी झंडी 7 बड़ी सड़क परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

नई दिल्ली | Bhopalonline.org | BDC News
PM GatiShakti 108th NPG Meeting : देश में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नई ऊंचाई देने के लिए ‘प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के तहत एक और बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में नेटवर्क योजना समूह (NPG) की 108वीं बैठक संपन्न हुई, जिसमें सड़क और राजमार्ग मंत्रालय की 7 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं का सीधा असर आम जनता की यात्रा, माल ढुलाई की लागत और व्यापार की सुगमता पर पड़ेगा।

पीएम गतिशक्ति: कनेक्टिविटी का नया जाल

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा आयोजित इस बैठक में मुख्य फोकस ‘बहुआयामी कनेक्टिविटी’ (Multimodal Connectivity) पर रहा। इसका मतलब है कि अब सड़कें सिर्फ एक शहर को दूसरे से नहीं जोड़ेंगी, बल्कि वे रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के साथ एक एकीकृत नेटवर्क बनाएंगी।

इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ने से सामान की कीमतें कम करने में भी मदद मिलेगी।


इन 7 राज्यों और शहरों की बदलेगी सूरत

बैठक में जिन प्रमुख परियोजनाओं का विश्लेषण किया गया, वे इस प्रकार हैं:

1. तमिलनाडु: सलेम-कुमारपालयम 6-लेन कॉरिडोर

  • लंबाई: 102.035 किमी (NH-544)।
  • खासियत: यह कोच्चि-कोयंबटूर-बेंगलुरु जैसे व्यस्त रूट पर दबाव कम करेगा।
  • फायदा: कपड़ा और कृषि उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।

2. आंध्र प्रदेश: अमरावती आउटर रिंग रोड (ORR)

  • लंबाई: 189.93 किमी (ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट)।
  • खासियत: विजयवाड़ा और गुंटूर जैसे शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव खत्म होगा।
  • फायदा: यात्रा समय में 40% तक की कमी आएगी और नेशनल वाटरवे-4 से सीधा जुड़ाव होगा।

3. जम्मू-कश्मीर: बॉर्डर इलाकों तक पहुंच आसान

  • रूट: रफीबाद-कुपवाड़ा-चौकीबल-तंगधार।
  • खासियत: नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित गांवों और सुरक्षा बलों के लिए रणनीतिक सड़क।
  • फायदा: पर्यटन और बागवानी को बढ़ावा मिलेगा।

4. लद्दाख: लेह बाईपास का निर्माण

  • लंबाई: 48.108 किमी।
  • खासियत: श्रीनगर-लेह (NH-01) और लेह-मनाली (NH-03) को जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड कॉरिडोर।
  • फायदा: लेह शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी और सेना की आवाजाही सुगम होगी।

5. मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश: चित्रकूट-सतना 4-लेन

  • लंबाई: 77.102 किमी।
  • खासियत: दो लेन वाली सड़क को चार लेन में बदला जाएगा।
  • फायदा: सीमेंट उद्योग के भारी ट्रैफिक और धार्मिक पर्यटन (चित्रकूट) को बड़ी राहत मिलेगी।

6. ओडिशा और झारखंड: नया ग्रीनफील्ड राजमार्ग

  • रूट: राउरकेला से सिथियो (156.10 किमी)।
  • खासियत: यह पांच जिलों से होकर गुजरेगा और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगा।
  • फायदा: समुद्री खाद्य क्लस्टर (Seafood Clusters) और SEZ के लिए वरदान साबित होगा।

7. बिहार: पटना रिंग रोड (छह-लेन)

  • रूट: कन्हौली से शेरपुर (NH-131G)।
  • खासियत: पटना शहर को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए एक मास्टर प्लान।
  • फायदा: बिहटा हवाई अड्डे और कन्हौली बस टर्मिनल तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।

जनता पर क्या होगा असर?

इन परियोजनाओं का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ये सिर्फ ‘सड़कें’ नहीं हैं, बल्कि ‘आर्थिक कॉरिडोर’ हैं।

  • रोजगार: निर्माण कार्यों से हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
  • बचत: ईंधन की खपत कम होगी और यात्रा का समय 30 से 40% तक घट जाएगा।
  • व्यापार: किसानों और छोटे व्यापारियों का माल कम लागत में मंडियों और बंदरगाहों तक पहुँच सकेगा।

निष्कर्ष: विकसित भारत की ओर एक कदम

पीएम गतिशक्ति के तहत इन 7 परियोजनाओं की समीक्षा यह दर्शाती है कि सरकार अब ‘संपूर्ण सरकार’ (Whole of Government) के दृष्टिकोण पर काम कर रही है। इससे परियोजनाओं में देरी कम होगी और गुणवत्ता बेहतर होगी। आने वाले कुछ वर्षों में ये सड़कें भारत की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा बनेंगी।


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