जी20 शिखर सम्मेलन… प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फेंटेनिल की तस्करी और आतंकवाद का मुद्दा उठाया। मोदी ने इन मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय एकजुटता पर जोर दियचा। मोदी ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सभी देशों से मिलकर काम करने का आग्रह किया।
नई दिल्ली/जोहान्सबर्ग, 22 नवंबर 2025
दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर आतंकवाद और उससे जुड़े खतरों के खिलाफ भारत की सशक्त और स्पष्ट आवाज को दुनिया के सामने रखा है। पीएम मोदी ने वैश्विक सुरक्षा, ज्ञान संरक्षण और अफ्रीका के विकास को समर्पित तीन प्रस्ताव समूह के शीर्ष आर्थिक शक्तियों के समक्ष रखे।
ड्रग्स-टेरर नेक्सस पर संयुक्त वैश्विक रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘जी-20 इनिशिएटिव ऑन काउंटरिंग द ड्रग-टेरर नेक्सस’ नामक एक नया वैश्विक अभियान शुरू करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने मादक द्रव्यों की तस्करी और आतंकवाद के बीच बढ़ते खतरनाक गठजोड़ पर चिंता व्यक्त की।
पीएम मोदी ने कहा, “मादक द्रव्यों की तस्करी आज एक बहुत ही बड़ा मुद्दा है। फेंटेनिल जैसे अत्यंत घातक ड्रग्स तेजी से फैल रहे हैं, जो न सिर्फ सार्वजनिक स्वास्थ्य, बल्कि सामाजिक स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन गए हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि ड्रग्स की काली कमाई अब आतंकवाद को फाइनांस करने का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है।”
उन्होंने जोर दिया कि इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए सभी देशों के प्रयास अलग-अलग काफी नहीं हैं। इसके लिए वित्त (Finance), शासन (Governance) और सुरक्षा (Security) से जुड़े सभी उपकरणों को एकजुट कर एक संयुक्त रणनीति बनाने और ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है। भारत ने हालांकि सीधे तौर पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा नहीं उठाया, लेकिन यह प्रस्ताव पाकिस्तान पोषित आतंकवाद में मादक-द्रव्यों की भूमिका के भारत के अनुभवों की ओर स्पष्ट संकेत करता है।
अफ्रीका के लिए कौशल विकास का लक्ष्य
अफ्रीका के विकास को पूरी दुनिया के हित में बताते हुए पीएम मोदी ने ‘जी-20 अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव’ का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा, “अफ्रीका के यंग टैलेंट को सक्षम बनाना अत्यंत आवश्यक है। भारत का सामूहिक लक्ष्य है कि इस पहल के तहत अगले एक दशक में अफ्रीका में दस लाख प्रशिक्षित ‘ट्रेनर’ तैयार किए जाएं। ये ट्रेनर आगे चलकर करोड़ों कुशल युवा तैयार करेंगे।” उन्होंने सुझाव दिया कि यह पहल ‘ट्रेन-द-ट्रेनर्स’ मॉडल पर काम कर सकती है और जी-20 पार्टनर इसके लिए फंडिंग और सपोर्ट प्रदान कर सकते हैं।
पारंपरिक ज्ञान को संजोने के लिए वैश्विक कोष
पीएम मोदी ने तीसरा प्रस्ताव दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उपलब्ध पारंपरिक ज्ञान को संजोने से संबंधित रखा उन्होंने कहा, “दुनिया में कई समुदायों ने अपनी पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली और पारंपरिक ज्ञान को संभालकर रखा है। भारत का प्रस्ताव है कि जी-20 के तहत एक ‘वैश्विक पारंपरिक ज्ञान कोष’ (Global Traditional Knowledge Fund) की स्थापना की जाए। यह वैश्विक मंच मानवता की सामूहिक बुद्धिमत्ता को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
फोटो में जी 20 सम्मेलन
सोर्स: मीडिया रिपोर्ट्स