भोपाल | BDC News
मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और मजदूरों व किसानों के हितों की रक्षा के लिए ‘जी राम जी योजना’ के क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने योजना के प्रारूप और राज्य सरकार के आगामी लक्ष्यों को साझा किया।
भ्रम दूर कर रोजगार पर फोकस: हेमंत खंडेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे कथित भ्रम का खंडन करते हुए कहा कि ‘जी राम जी योजना’ किसानों और मजदूरों के बीच एक सेतु का काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि खेती के सीजन में किसान निर्बाध रूप से कृषि कार्य कर सकें और खाली समय में उन्हें मजदूरी के अवसर उपलब्ध हों। योजना के तहत स्थानीय जरूरत के अनुसार ही काम लिया जाएगा।
योजना की खास बातें: बजट और रोजगार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए निम्नलिखित घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा, योजना में केंद्र सरकार 60% और राज्य सरकार 40% राशि वहन करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया है। योजना के तहत पंजीकृत मजदूरों को वर्ष में कम से कम 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार प्रदान किया जाएगा। जब तक केंद्र सरकार नई दरें अधिसूचित नहीं करती, तब तक मनरेगा की वर्तमान दरों पर भुगतान किया जाएगा। केंद्र के निर्देशानुसार अगले छह माह के भीतर राज्य में इस योजना का नोटिफिकेशन जारी कर इसे प्रभावी कर दिया जाएगा।
वर्ष 2026 बनेगा ‘किसान वर्ष’
मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को ‘किसान वर्ष’ के रूप में मनाएगी। वहीं, आगामी वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में समर्पित किया जाएगा। डॉ. यादव ने रेखांकित किया कि सरकार की प्राथमिकता प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बताई गई चार प्रमुख जातियों—गरीब, युवा, किसान और महिला—का उत्थान है।
कृषि विकास के लिए सर्वदलीय मंथन
किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि विकास दर बढ़ाने के लिए सरकार जल्द ही एक सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। इसमें देश भर के कृषि विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि व्यापक विचार-विमर्श के बाद किसानों के हित में ठोस नीतियां बनाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की कि प्रदेश में कृषि रकबा निरंतर बढ़ रहा है, जो राज्य की समृद्धि का संकेत है।
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