EOW ने भोपाल के कारोबारी दिलीप गुप्ता के घर-दफ्तर पर मारा छापा, ₹35 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, 5 कारतूस और चेकबुक जब्त

EOW ने भोपाल के कारोबारी दिलीप गुप्ता के घर-दफ्तर पर मारा छापा, ₹35 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, 5 कारतूस और चेकबुक जब्त

सार.. भोपाल के प्रमुख कारोबारी दिलीप गुप्ता के घर और दफ्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। निवेशकों के साथ ₹35.37 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में EOW की दो अलग-अलग टीमों ने एमपी नगर जोन 2 स्थित ऑफिस और चूना भट्‌टी स्थित आवास पर एक साथ छापे मारे।

भोपाल. BDC News

आर्थिक अपराध शाखा (EOW), मध्य प्रदेश ने शुक्रवार को भोपाल के प्रमुख कारोबारी दिलीप गुप्ता के घर और दफ्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। निवेशकों के साथ ₹35.37 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में EOW की दो अलग-अलग टीमों ने एमपी नगर जोन 2 स्थित ऑफिस और चूना भट्‌टी स्थित आवास पर एक साथ छापे मारे।

छापेमारी में महत्वपूर्ण चीजें जब्त

EOW सूत्रों के अनुसार, सर्चिंग के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वस्तुएं जब्त की गई हैं।

  • कार्यालय से: कार्यालय से 5 राउंड कारतूस और एक दर्जन से अधिक चेकबुक तथा चेक बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में संपत्ति की रजिस्ट्री और एग्रीमेंट संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं।
  • आवास से: गुप्ता के चूना भट्‌टी स्थित घर से भी 10 से अधिक चेक बुक, रजिस्ट्री और अन्य बैंकिंग संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

EOW के अधिकारी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रहे हैं। कर्मचारियों को दफ्तर से बाहर जाने और किसी भी तरह के फोन कॉल करने से रोक दिया गया है।

₹35.37 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला

EOW ने लगभग एक महीने पहले दिलीप गुप्ता और उनकी दो कंपनियों – मेसर्स डीजी माइंस एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स श्री मां सीमेंटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कारोबारी गुप्ता पर निवेशकों के 35 करोड़ 37 लाख रुपये की राशि हड़पने का गंभीर आरोप है। EOW के मुताबिक, दिलीप गुप्ता ने निवेशकों को भारी मुनाफे का झांसा दिया। उन्होंने ₹10 के शेयर को अवास्तविक रूप से ऊंचे दाम ₹12,972 में बेचकर धोखाधड़ी की। यही नहीं, उन्होंने निवेशकों की पारिवारिक संपत्तियां तक गिरवी रखवा दीं और बंद हो चुके बैंक खातों के चेक जारी कर उन्हें गुमराह किया।

शिकायतकर्ता ने लिया था करोड़ों का लोन

भोपाल निवासी विनीत जैन और उनकी मां लता जैन ने EOW में शिकायत दर्ज कराई थी। जैन ने अपने आरोप में कहा कि गुप्ता के झांसे में आकर उन्होंने ICICI बैंक से ₹2.75 करोड़ और PNB हाउसिंग फाइनेंस से ₹4.45 करोड़ का भारी लोन लिया और पूरी राशि दिलीप गुप्ता को निवेश कर दी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गुप्ता ने उन्हें लोन लेने पर मजबूर किया और फर्जी चेक तथा कागजात के जरिए उनके साथ धोखा किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा जांच

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी हस्तक्षेप किया है। ED ने 31 अक्टूबर को ECIR (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दर्ज कर ली थी। जांच अधिकारी अब PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत मामले की छानबीन करेंगे। इसके तहत कालेधन को सफेद करने के पहलुओं पर नए सिरे से पूछताछ की जाएगी। डीजी माइंस एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के शेयर्स की खरीद-फरोख्त और अमरूद की फसल से हुई कथित ₹1.5 करोड़ की आय की भी विस्तृत जांच की जाएगी। फर्म से जुड़े कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के दायरे में लिया जा रहा है।

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