नई दिल्ली: BDC News
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि रूस से हथियार खरीदने के लिए भारत को अलग से निशाना बनाना उचित नहीं है। साथ ही, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर वह दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो वह रूस से अमेरिकी खरीद की जाँच करेंगे।
भारत के प्रति ट्रंप का रुख
ट्रंप का यह बयान भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका ने रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए कई देशों पर प्रतिबंध लगाए हैं। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका ने रूस से अरबों डॉलर का सामान खरीदा है, ऐसे में भारत को रूस से हथियार खरीदने के लिए निशाना बनाना गलत है। उन्होंने कहा, “हम अरबों डॉलर का सामान रूस से खरीदते हैं, तो भारत के लिए यह कहना कि आप रूस से हथियार नहीं खरीद सकते, अनुचित है।”
रूस से अमेरिकी खरीद की जांच का संकेत
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वह फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो वह इस बात की जाँच करेंगे कि अमेरिका रूस से क्या-क्या खरीद रहा है। उनका यह बयान मौजूदा अमेरिकी सरकार की नीतियों से अलग है, जो रूस पर प्रतिबंध लगाने पर जोर दे रही है। इस बयान से यह साफ है कि ट्रंप भारत जैसे देशों के साथ रिश्तों को लेकर एक अलग नजरिया रखते हैं। उनका मानना है कि अमेरिका को अपने हितों के लिए भारत जैसे मजबूत सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए, न कि उन्हें अलग-थलग करना चाहिए।
ब्राजील के राष्ट्रपति का बयान
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के एक बयान से डोनाल्ड ट्रंप भड़क सकते हैं। लूला दा सिल्वा ने कहा है कि टैरिफ के मुद्दे को सुलझाने के लिए ट्रंप से बात करने में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है. इसके बजाय वे भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को कॉल कर लेंगे, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को कॉल कर लेंगे लेकिन वे ट्रंप को कॉल नहीं करेंगे.
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