सार.. संसद से पारित चार लेबर कोड (श्रम संहिता) को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इन नए कोड्स ने 29 मौजूदा श्रम कानूनों का स्थान लिया है और यह श्रम क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने वाला एक आधुनिक ढांचा प्रदान करते हैं।
भोपाल,BDC News
केंद्र सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाते हुए संसद से पारित चार लेबर कोड (श्रम संहिता) को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इन नए कोड्स ने 29 मौजूदा श्रम कानूनों का स्थान लिया है और यह श्रम क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने वाला एक आधुनिक ढांचा प्रदान करते हैं। इन सुधारों से श्रमिकों, कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के हितों का ध्यान रखा गया है।
कर्मचारियों के लिए प्रमुख लाभ (हाइलाइट्स)
- ग्रेच्युटी का हक 1 साल में: अब कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ पाने के लिए 5 साल की न्यूनतम सेवा पूरी करना अनिवार्य नहीं होगा। अब सिर्फ एक साल की नौकरी के बाद ही कर्मचारी ग्रेच्युटी लाभ के हकदार बन जाएंगे।
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान: कामगारों को काम के घंटों (प्रतिदिन 8-12 घंटे और प्रति सप्ताह 48 घंटे तय) से अधिक किए गए ओवरटाइम के लिए दोगुना (डबल) वेतन दिया जाएगा।
- यूनिवर्सल सामाजिक सुरक्षा: गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और एग्रीगेटर्स को पहली बार परिभाषित किया गया है, और उन्हें भी सामाजिक सुरक्षा (जैसे PF, ESIC, बीमा) के दायरे में लाया गया है।
- न्यूनतम वेतन की गारंटी: सभी क्षेत्रों के कामगारों के लिए समय पर न्यूनतम वेतन की गारंटी अब कानूनी अधिकार होगा।
- अनिवार्य नियुक्ति पत्र: सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) देना होगा, जिससे पारदर्शिता और औपचारिकरण (Formality) को मजबूती मिलेगी।
- समान अधिकार: फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन, छुट्टी, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे।
- महिलाओं को छूट: सुरक्षा उपायों और सहमति के साथ, महिलाओं को अब माइनिंग और खतरनाक उद्योगों सहित सभी क्षेत्रों में नाइट-शिफ्ट में काम करने की अनुमति होगी। साथ ही, समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया गया है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के नए मानक
- 40 वर्ष से अधिक उम्र के हर कामगार की सालाना मुफ्त अनिवार्य चिकित्सा जांच का प्रावधान किया गया है।
- खतरनाक उद्योगों और खदान मजदूरों की सुरक्षा के लिए ऑन-साइट सेफ्टी मॉनिटरिंग के मानक तय किए गए हैं।
- 500 से अधिक कामगारों वाली जगहों पर सुरक्षा समितियां बनाना अनिवार्य होगा।
कारोबार के लिए सरलीकरण
पुराने जटिल श्रम कानूनों के स्थान पर अब एक सरल प्रणाली लाई गई है:
- सिंगल विंडो सिस्टम: कंपनियों के लिए सिंगल रजिस्ट्रेशन, सिंगल लाइसेंस और सिंगल रिटर्न की व्यवस्था होगी, जिससे अनुपालन (Compliance) का बोझ कम होगा।
- विवादों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल में दो सदस्यों का प्रावधान किया गया है।
- इंस्पेक्टर-कम-फैसिलिटेटर सिस्टम लागू किया गया है, जो दंड देने की बजाय मार्गदर्शन और अनुपालन पर अधिक ज़ोर देगा।
यह सुधार आत्मनिर्भर भारत के लिए एक मजबूत और आधुनिक कार्यबल तैयार करने के लक्ष्य से किए गए हैं, जिससे देश में निवेश और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी की पुख्ता संभावना है।