Fastag New Rules 2026: अब टोल पर नहीं होगी ‘बीप-बीप’ की झंझट!

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NHAI ने प्राइवेट कारों के लिए खत्म किया KYV का लफड़ा

नई दिल्ली| BDC News|bhopalonline.org

अगर आप अपनी कार से अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी राहत की खबर है। टोल प्लाजा पर फास्टैग होने के बावजूद ‘KYV अपडेट’ न होने की वजह से जो रुकावटें आती थीं, उन पर अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने कैंची चला दी है।

1 फरवरी 2026 से प्राइवेट वाहन चालकों को बार-बार दस्तावेजों के सत्यापन (Verification) के चक्कर नहीं काटने होंगे। आइए जानते हैं क्या बदला है और इसका आपकी जेब और सफर पर क्या असर पड़ेगा।

क्या है नया नियम? (KYV प्रक्रिया हुई बंद)

NHAI ने फैसला लिया है कि 1 फरवरी 2026 या उसके बाद जारी होने वाले सभी नए फास्टैग के लिए नो योर व्हीकल (Know Your Vehicle – KYV) की अनिवार्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। यह नियम खास तौर पर निजी वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए लागू होगा।

पहले क्या होती थी परेशानी?

अब तक होता यह था कि फास्टैग में पैसे होने के बावजूद, बैंक या अथॉरिटी द्वारा दोबारा फोटो, दस्तावेज या आरसी (RC) की मांग की जाती थी। सही समय पर अपडेट न होने पर फास्टैग को ‘ब्लैकलिस्ट’ या ‘सस्पेंड’ कर दिया जाता था, जिससे टोल प्लाजा पर लंबी लाइनें लगती थीं और वाहन चालकों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता था।

अब कैसे होगा काम? (बैंकों पर होगी जिम्मेदारी)

नए सिस्टम के तहत, अब गेंद बैंकों के पाले में है।

  • Vahan डेटाबेस का इस्तेमाल: अब बैंक फास्टैग जारी करने से पहले ही सरकारी ‘वाहन’ (VAHAN) डेटाबेस से गाड़ी की सारी जानकारी निकाल लेंगे।
  • ऑटो वेरिफिकेशन: टैग जारी होने के बाद किसी भी तरह के दोबारा वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी।
  • RC का रोल: केवल बहुत जरूरी होने पर ही क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए आरसी मांगी जाएगी।

मौजूदा यूजर्स के लिए क्या?

अगर आपके पास पहले से फास्टैग है, तो घबराएं नहीं। आपके लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं है। जब तक आपके खाते या गाड़ी की जानकारी में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई जाती, आपसे कोई नया दस्तावेज़ नहीं मांगा जाएगा। आपका सफर पहले की तरह ही चलता रहेगा।

कमर्शियल वाहनों को राहत नहीं

ध्यान रहे, यह छूट केवल पर्सनल कारों के लिए है। बस, ट्रक और अन्य कमर्शियल वाहनों के लिए KYV की प्रक्रिया पहले की तरह ही सख्त रहेगी। साथ ही, बिना फास्टैग के गाड़ी चलाने पर लगने वाला जुर्माना और नियम भी पहले जैसे ही रहेंगे।


डिजिटल और स्मूथ इंडिया

NHAI का मानना है कि डिजिटल सिस्टम अब काफी मजबूत हो चुका है। जब सारी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है, तो आम जनता को कागजी झंझटों में क्यों उलझाना? इस कदम से न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ में भी कमी आएगी।

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