केंद्र का बड़ा फैसला: उद्योगों के लिए बदले प्रदूषण कानून, अब CTO रिन्यूअल नहीं

भारतीय उद्योग. भारतीय उद्योग.

नई दिल्ली. BDC news/bhopalonline.org

केंद्र सरकार ने भारत में उद्योगों के लिए व्यापार करना आसान बनाने (Ease of Doing Business) की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। वायु और जल प्रदूषण से जुड़े कानूनों में ऐतिहासिक संशोधन करते हुए सरकार ने मंजूरी की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। इन बदलावों का प्राथमिक उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कागजी कार्रवाई को कम करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। अब उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चक्कर नहीं काटने होंगे, जिससे उनके समय और संसाधन की बचत होगी।

सीटीओ (CTO) की वैधता अब आजीवन: रिन्यूअल का झंझट खत्म

नए नियमों के तहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ‘संचालन की सहमति’ (Consent to Operate – CTO) की वैधता को लेकर किया गया है। अब एक बार सीटीओ प्राप्त करने के बाद यह तब तक मान्य रहेगा जब तक कि इसे किसी कारणवश रद्द नहीं किया जाता। पहले उद्योगों को इसे बार-बार रिन्यू कराना पड़ता था, जिससे काम में बाधा आती थी। हालांकि, पर्यावरण सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा; विभाग समय-समय पर निरीक्षण करता रहेगा और नियमों के उल्लंघन पर सहमति रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रखेगा।

लाल श्रेणी के उद्योगों और एमएसएमई (MSME) को बड़ी राहत

सरकार ने ‘लाल श्रेणी’ (Red Category) के उद्योगों के लिए मंजूरी की समय सीमा को 120 दिनों से घटाकर 90 दिन कर दिया है। इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म और लघु उद्योगों (MSEs) के लिए ‘स्थापना की सहमति’ (Consent to Establish – CTE) को और भी सरल बनाया गया है। अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित छोटे उद्योगों को अब केवल एक स्व-प्रमाणित आवेदन (Self-Declaration) जमा करना होगा, जिसे तुरंत स्वीकृत मान लिया जाएगा। यह कदम छोटे उद्यमियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

एकीकृत मंजूरी और सरल शुल्क प्रक्रिया

अब उद्यमियों को अलग-अलग अनुमतियों के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCBs) अब एक ही आवेदन के आधार पर वायु, जल और अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत एकीकृत अनुमति जारी कर सकेंगे। साथ ही, न्यूनतम दूरी के कठोर मापदंडों को हटाकर अब ‘साइट-विशिष्ट मूल्यांकन’ को प्राथमिकता दी गई है। राज्यों को अब 5 से 25 वर्षों के लिए एकमुश्त शुल्क निर्धारित करने की अनुमति भी मिल गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया में अधिक स्पष्टता आएगी।


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