नई दिल्ली. BDC News/bhopalonline.org
भारत ने आज अपने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर अपनी सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और कूटनीतिक मजबूती का भव्य प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराकर समारोह का आगाज किया, जिसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ पूरा आसमान ‘जय हिंद’ के नारों से गूंज उठा। इस वर्ष का समारोह न केवल अपनी भव्यता, बल्कि नई परंपराओं और रणनीतिक संदेशों के लिए भी यादगार रहा।
.jpg)
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र
समारोह का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण तब आया जब राष्ट्रपति ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को शांति काल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया। उनकी वीरता और अदम्य साहस की गाथा ने कर्तव्य पथ पर मौजूद हर नागरिक का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
.jpg)
दो मुख्य अतिथि: भारत-यूरोपीय संघ के बढ़ते रिश्ते
इतिहास में पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में दो मुख्य अतिथि शामिल हुए। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी ने वैश्विक पटल पर भारत और यूरोपीय संघ (EU) के मजबूत होते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों पर मुहर लगा दी।
रणक्षेत्र में स्वदेशी ‘प्रहार’: सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
90 मिनट की इस परेड में भारतीय सेनाओं ने अपनी ‘मेक इन इंडिया’ ताकत दिखाई….
हवाई पराक्रम: भारतीय वायुसेना के 29 लड़ाकू विमानों, जिनमें राफेल, जगुआर, मिग-29 और सुखोई शामिल थे, ने आसमान में ‘सिंदूर’, ‘वज्रांग’ और ‘प्रहार’ जैसी जटिल फॉर्मेशन बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
घातक वेपन सिस्टम: पहली बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल किए गए घातक हथियारों का प्रदर्शन हुआ। इसमें ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली, सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर और स्वदेशी मेन बैटल टैंक ‘अर्जुन’ ने भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की तस्वीर पेश की।
झांकियों में दिखा ‘विकसित भारत’ का संकल्प
परेड में विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की 30 झांकियां निकाली गईं। इन झांकियों में भारत की विरासत, अंतरिक्ष तकनीक (स्पेस टेक) और डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों को बेहद कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित देश की शीर्ष राजनीतिक हस्तियां एक साथ नजर आईं।