भोपाल (संत हिरदाराम नगर):
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में केवल सरकारी आदेश काफी नहीं होते, इसके लिए जनभागीदारी और जमीनी प्रयासों की आवश्यकता होती है। इसी सोच को चरितार्थ कर रही है संतनगर की ‘यंग जनरेशन सेवा समिति’। उपनगर को प्रतिबंधित पॉलीथिन के चंगुल से मुक्त कराने के लिए समिति ने एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान छेड़ रखा है, जिसके तहत घर-घर जाकर महिलाओं और दुकानदारों को जूट से बने थैले वितरित किए जा रहे हैं।
जुलाई से जारी है ‘सफेद जहर’ के खिलाफ जंग
समिति ने इस अभियान की नींव जुलाई माह में रखी थी, जिसका उद्देश्य “पॉलीथिन छोड़ना है, पर्यावरण बचाना है” के संकल्प को हर घर तक पहुँचाना है। नगर निगम के स्वच्छता अभियान के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए समिति के सदस्य न केवल विकल्प मुहैया करा रहे हैं, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाने का प्रयास भी कर रहे हैं। अब तक 300 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले जूट बैग बांटे जा चुके हैं और यह सिलसिला निरंतर जारी है।
पंचायती सहयोग और सामूहिक प्रयास
इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष माधु चांदवानी अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी समिति के प्रयासों को सराहा है। हाल ही में समिति के सदस्यों ने पंचायत पदाधिकारियों को जूट के थैले भेंट किए, जिससे समाज के प्रबुद्ध वर्ग का भी इस अभियान को समर्थन प्राप्त हुआ। समिति के सदस्यों का मानना है कि जब नेतृत्व करने वाले लोग कपड़े और जूट के थैलों का उपयोग करेंगे, तो आम जनता में भी इसका सकारात्मक संदेश जाएगा।
नगर निगम के साथ संयुक्त मोर्चा
सिर्फ घरों तक ही नहीं, समिति के सदस्य नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर मुख्य बाजारों और दुकानदारों के बीच भी पहुँच रहे हैं। अभियान के दौरान लोगों को समझाइश दी जा रही है कि पॉलीथिन न केवल पर्यावरण को प्रदूषित करती है, बल्कि मानव स्वास्थ्य और बेजुबान पशुओं के लिए भी एक ‘धीमा जहर’ है।
टीम वर्क से मिल रही सफलता
इस अभियान को सफल बनाने में समिति के कर्मठ सदस्य नरेश कीरतानी, किशन गंगवानी, महेश चांदवानी, राजू आडवाणी, गुड्डू गिदवानी, दिनेश साधवानी और श्री साधवानी सहित अन्य सदस्य जी-जान से जुटे हुए हैं। समिति की इस पहल से उम्मीद जगी है कि संतनगर जल्द ही पॉलीथिन मुक्त उपनगर के रूप में एक नई मिसाल पेश करेगा।
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