भोपाल: BDC News/ Bhoaplonline.org
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण किया। 1984 की भीषण गैस त्रासदी के 40 साल बाद, यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने बिना मास्क पहने फैक्ट्री के ‘कोर एरिया’ का मुआयना किया, जो इस बात का प्रमाण है कि परिसर अब पूरी तरह स्वच्छ और सुरक्षित हो चुका है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार यहाँ गैस पीड़ितों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण करेगी।
40 साल पुराने रासायनिक कचरे का सफल निष्पादन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में सरकार ने परिसर में पड़े जहरीले कचरे का आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण यह कचरा दशकों तक यहाँ पड़ा रहा, लेकिन वर्तमान सरकार ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को बिना नुकसान पहुँचाए इसे पूरी तरह हटा दिया है। यह कदम न केवल भोपाल बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।
गैस पीड़ितों की स्मृति में बनेगा ‘भोपाल गैस त्रासदी स्मारक’
यूनियन कार्बाइड परिसर के भविष्य के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थान को अब एक स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए समाज के सभी वर्गों और प्रभावित पक्षों से चर्चा कर उन्हें विश्वास में लिया जाएगा। यह स्मारक उन लोगों को समर्पित होगा जिन्होंने इस त्रासदी में अपनी जान गँवाई। साथ ही, भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया के विकास के साथ इस क्षेत्र के नव-निर्माण के लिए भी सभी जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं।
पीडि़तों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सहायता
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री का मानवीय चेहरा भी सामने आया। आरिफ नगर में भ्रमण के दौरान उन्होंने न केवल स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी ली, बल्कि ‘लाड़ली बहनों’ से संवाद कर उनकी कुशलता जानी। मौके पर ही दो आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं, श्रीमती मंजु बाई और श्रीमती प्रभा बाई कुशवाहा को बीमारी के इलाज के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहायता राशि तत्काल बैंक खातों में पहुँचाई जाए।
मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में भोपाल का विकास
डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भोपाल के आसपास के 6 जिलों को इस दायरे में लाया जाएगा। यूनियन कार्बाइड परिसर का पुनर्विकास इसी बड़े विजन का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य शहर के विकास की सभी बाधाओं को दूर करना और गैस प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ना है।