नई दिल्ली | BDC News
भारत की GDP : वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी व्यापार नीतियों के दबाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था एक बार फिर अपनी मजबूती साबित करने को तैयार है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी (GDP) ग्रोथ रेट 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है।
यह आंकड़ा न केवल पिछले साल की तुलना में बेहतर है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारत बाहरी आर्थिक झटकों को झेलने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
पिछली छलांग से भी आगे निकला भारत
वित्त वर्ष 2024-25 में देश की विकास दर 6.5 प्रतिशत रही थी। सरकार का नया अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में 0.9 प्रतिशत की भारी बढ़त को दर्शाता है। यह उछाल विशेष रूप से मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के शानदार प्रदर्शन के कारण संभव हुआ है।
ट्रंप टैरिफ और ट्रेड डील का डर बेअसर
यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) के बीच में फंसे होने की खबरें वैश्विक सुर्खियां बनी हुई हैं। भारत की इस संभावित ग्रोथ रेट ने यह संदेश दिया है कि घरेलू मांग और मजबूत औद्योगिक आधार ने भारत को एक ‘आर्थिक सुरक्षा कवच’ प्रदान किया है।
RBI के अनुमानों को भी पछाड़ा
दिलचस्प बात यह है कि सरकार का 7.4% का अनुमान, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 7.3% के अनुमान से भी अधिक है। यह भविष्य को लेकर सरकार के आत्मविश्वास को दर्शाता है। MoSPI के आंकड़ों के अनुसार:
- मैन्यूफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन: इन क्षेत्रों में 7 प्रतिशत की दर से विकास का अनुमान है।
- नॉमिनल GDP: मौजूदा कीमतों पर जीडीपी की वृद्धि दर 8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
- GVA ग्रोथ: सकल मूल्य वर्धित (GVA) ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसका मुख्य इंजन सर्विस सेक्टर है।
सेक्टरवार प्रदर्शन की स्थिति
जहाँ सर्विस और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं, वहीं कृषि और संबद्ध क्षेत्रों (Agriculture and Allied Sectors) तथा बिजली, गैस और जल आपूर्ति जैसी उपयोगिता सेवाओं में इस बार ‘मध्यम ग्रोथ’ (Moderate Growth) रहने की संभावना जताई गई है।
बजट 2026 की नींव
ये अग्रिम अनुमान केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट का आधार बनेंगे। इन आंकड़ों के आधार पर ही वित्त मंत्रालय आने वाले साल के लिए राजस्व और खर्चों का रोडमैप तैयार करेगा।
विशेषज्ञों की राय: “भारत का 7% से ऊपर की दर से बढ़ना उसे दुनिया की सबसे तेज उभरती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में प्रतिष्ठित करता है। यह स्थिर आर्थिक नीतियों और संरचनात्मक सुधारों का सुखद परिणाम है।”
महत्वपूर्ण आंकड़े एक नज़र में
| विवरण | वित्त वर्ष 2024-25 (वास्तविक) | वित्त वर्ष 2025-26 (अनुमानित) |
| रियल GDP ग्रोथ | 6.5% | 7.4% |
| नॉमिनल GDP ग्रोथ | – | 8.0% |
| मैन्यूफैक्चरिंग ग्रोथ | – | 7.0% |
| प्रमुख शक्ति | – | सर्विस सेक्टर |
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