USCC रिपोर्ट: मई 2025 के भारत-पाक संघर्ष में पाकिस्तान को सैन्य ‘कामयाबी’ का दावा

USCC रिपोर्ट: मई 2025 के भारत-पाक संघर्ष में पाकिस्तान को सैन्य ‘कामयाबी’ का दावा

वाशिंगटन डीसी. BDC News

अमेरिकी कांग्रेस को रिपोर्ट देने वाली संस्था यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (USCC) ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट जारी की है। 800 पन्नों की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार-दिवसीय सैन्य संघर्ष, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है, में पाकिस्तान को बड़ी सैन्य सफलता हासिल हुई थी।

रिपोर्ट के मुख्य दावे

  • सैन्य टकराव: रिपोर्ट में कहा गया है कि चार दिन की इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना का प्रदर्शन शानदार रहा।
  • पहलगाम हमला: USCC ने पहलगाम में हुए हमले को ‘आतंकवादी हमला’ न मानकर इसे ‘विद्रोही हमला’ माना है।
  • राफेल को नुकसान: रिपोर्ट में इस बात का ज़िक्र है कि पाकिस्तान ने कम से कम 6 भारतीय लड़ाकू विमानों को गिराने का दावा किया, जिसमें राफेल जेट भी शामिल थे, जिससे राफेल की वैश्विक छवि को आघात पहुंचा। हालाँकि, रिपोर्ट केवल तीन भारतीय विमानों के गिराए जाने की पुष्टि करती है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: ‘जीत पर मुहर’

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पाकिस्तान की जीत की आधिकारिक पुष्टि बताया। “पाकिस्तानी सेना के बेहतरीन प्रदर्शन ने दुश्मन को घुटनों पर ला दिया। इसमें फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का बड़ा योगदान है।” – शहबाज शरीफ (डॉन अखबार के हवाले से)

भारत की प्रतिक्रिया: कांग्रेस ने उठाए सवाल

भारत में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस रिपोर्ट का कड़ा विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह भारतीय कूटनीति के लिए एक बड़ा झटका है, और प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्रालय को इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए

संघर्ष में चीन की निर्णायक भूमिका

USCC की रिपोर्ट भारत-पाकिस्तान संघर्ष में चीन की भूमिका पर भी रौशनी डालती है।

  1. हथियारों का परीक्षण: चीन ने इस संघर्ष का इस्तेमाल अपने आधुनिक हथियारों को ‘लाइव वॉर’ में परखने और दुनिया के सामने उनकी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए किया।
  2. चीनी हथियार: पाकिस्तान ने लड़ाई में चीन द्वारा दिए गए अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम, PL-15 मिसाइलें और J-10 फाइटर जेट के इस्तेमाल का ज़िक्र है।
  3. खुफिया जानकारी: भारत ने दावा किया है कि पाकिस्तान को इस दौरान चीन से खुफिया इंटेलिजेंस भी मिली थी, जिसे पाकिस्तान ने ख़ारिज कर दिया।
  4. हथियारों की आपूर्ति: रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2019 से 2023 के बीच पाकिस्तान के 82% हथियार चीन से आए हैं।
  5. विपणन (Marketing): लड़ाई के बाद चीनी दूतावासों ने पाकिस्तानी जीत के लिए अपने हथियारों की जमकर तारीफ की। इसके 5 महीने बाद चीन ने इंडोनेशिया को 42 J-10C फाइटर जेट बेचने का सौदा किया।

USCC: चीन पर नजर रखने वाला आयोग

  • स्थापना का कारण: 90 के दशक में चीन की बढ़ती आर्थिक और तकनीकी शक्ति से अमेरिका में चिंता बढ़ने के बाद, अमेरिका की सुरक्षा के लिए चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इस आयोग का गठन किया गया।
  • कार्य: USCC स्वयं कोई कार्रवाई नहीं करता है, बल्कि रिपोर्ट तैयार कर अमेरिकी संसद (Congress) को सौंपता है।
  • सिफारिशों के लिए नियम: आयोग की सिफारिशों को अंतिम रिपोर्ट में शामिल करने के लिए कम से कम 8 सदस्यों (दो-तिहाई) के समर्थन की आवश्यकता होती है।

चीनी मीडिया ने रिपोर्ट को बताया ‘राजनीतिक मकसद’

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने USCC की रिपोर्ट पर कड़ा ऐतराज़ जताया है।

  • राजनीतिक उद्देश्य: रिपोर्ट चीन की तरक्की को जानबूझकर ‘दुनिया के लिए खतरा’ बता रही है, जो कि राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।
  • गलतफहमी: आयोग के भीतर चीन को लेकर भारी गलतफहमियां और अहंकार मौजूद है, और अमेरिका को चीन को बेहतर ढंग से समझना चाहिए।
  • रक्षा का अधिकार: चीन की हथियार इंडस्ट्री के विकास पर आरोप लगाना किसी भी संप्रभु देश के अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के मूल अधिकार को नकारने जैसा है।

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