ट्रम्प का बड़ा दावा: 350% टैरिफ की धमकी से रुकवाई भारत-पाकिस्तान जंग

ट्रम्प का बड़ा दावा: 350% टैरिफ की धमकी से रुकवाई भारत-पाकिस्तान जंग

वाशिंगटन डीसी. BDC News

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुई जंग को अपनी दखलअंदाजी से रुकवाया था। उनका कहना है कि उन्होंने दोनों देशों पर 350% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद वे युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमत हुए।

बुधवार को अमेरिका-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम में ट्रम्प ने दावा किया कि उन्हें पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का फोन आया, जिन्होंने उन्हें “लाखों जानें बचाने” के लिए धन्यवाद कहा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का फोन आया, जिन्होंने सूचित किया कि वे अब “जंग नहीं करने जा रहे हैं।”

  • जंग की पृष्ठभूमि: पहलगाम हमले के बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके बाद 10 मई को सीजफायर हुआ।
  • दावे का दोहराव: ट्रम्प ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर सीजफायर की जानकारी दी थी और तब से वे 60 से ज्यादा बार यह दावा दोहरा चुके हैं कि संघर्ष विराम उनकी मध्यस्थता से हुआ।
  • भारत का खंडन: भारत सरकार लगातार इस बात पर जोर देती रही है कि सीजफायर में किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप नहीं था, बल्कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत का परिणाम था।

इससे पहले 29 अक्टूबर को साउथ कोरिया में ट्रम्प ने यही दावा करते हुए कहा था कि उन्होंने 250% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिसके दो दिन बाद दोनों देशों ने फोन पर सीजफायर के लिए सहमति जताई।

ट्रम्प के कार्यकाल में भारत को निशाना बनाने वाले 5 प्रमुख मौके

ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका ने कई बार ऐसे कदम उठाए, जिन्हें भारत के विरुद्ध माना गया या जिसने द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा किया:

  1. अप्रवासियों का डिपोर्टेशन: फरवरी, 2025 में अवैध भारतीय अप्रवासियों को हथकड़ी लगाकर अपमानजनक तरीके से भारत डिपोर्ट किया गया, जिसका वीडियो भी जारी हुआ।
  2. सीजफायर का एकतरफा श्रेय: मई में हुए भारत-पाकिस्तान सीजफायर का श्रेय ट्रम्प ने बार-बार खुद लिया, जबकि भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया।
  3. ट्रम्प-मुनीर मुलाकात: अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस में बुलाकर मुलाकात की। भारत ने साफ कहा कि वह तनाव सुलझाने में किसी बाहरी देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा।
  4. ऐतिहासिक टैरिफ: अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर पहले 25% और बाद में रूस से तेल आयात के बहाने 50% तक टैरिफ लगा दिया। यह किसी भी अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारत पर लगाया गया अब तक का सबसे ऊंचा टैरिफ है।
  5. वीजा नियमों को सख्त करना: सितंबर 2025 में अमेरिका ने H-1B जैसे श्रमिक वीजा सहित इमिग्रेशन नियमों को सख्त बनाया, जिससे अमेरिकी आईटी सेक्टर में कार्यरत भारतीय पेशेवरों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं।

टैरिफ पर ट्रम्प का नया रुख: ‘भारत पर टैरिफ कम करेंगे’

10 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के प्रति अपने व्यापारिक रुख में नरमी के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक नए व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं।

  • टैरिफ में कमी का वादा: ट्रम्प ने कहा कि वह भारत पर लगे ऊंचे टैरिफ को धीरे-धीरे कम करेंगे।
  • कारण: उन्होंने बताया कि टैरिफ रूसी तेल खरीदने की वजह से लगाए गए थे, लेकिन अब भारत ने रूसी तेल की खरीद बहुत कम कर दी है।
  • वर्तमान टैरिफ: भारत पर कुल 50% अमेरिकी टैरिफ लागू है—जिसमें 25% ‘रेसीप्रोकल टैरिफ’ और रूस से तेल खरीद पर 25% ‘पेनल्टी’ शामिल है।

मोदी के साथ ‘शानदार संबंध’ का दावा

टैरिफ कम करने के संकेत के साथ ही ट्रम्प ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों की तारीफ की “भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, दुनिया का सबसे बड़ा देश है और इसकी आबादी 1.5 अरब से ज्यादा है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारे शानदार संबंध हैं…” ट्रम्प ने भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा साझेदार भी बताया।

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