सार.. सपा नेता आजम खान और उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम खान दो अलग-अलग मामले में दोषी करार दिए गए हैं। अदालत ने सजा सुनाई है। कुछ तीन पहले जेल से बाहर आजम खान फिर जेल पहुंच गए हैं।
रामपुर: BDC News
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान, और उनके बेटे, पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म खान को एक विशेष अदालत ने दो अलग-अलग पैन कार्ड मामले में दोषी करार देते हुए सात साल की सज़ा सुनाई है। अदालत के फैसले के तुरंत बाद, दोनों को हिरासत में ले लिया गया है।
यह मामला छह साल पहले भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा रामपुर की सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज कराया गया था। 6 दिसंबर 2019 को दर्ज की गई प्राथमिकी में, विधायक सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आज़म खान ने अलग-अलग जन्मतिथियों का इस्तेमाल करके दो पैन कार्ड बनवाए।
क्या था आरोप?
शिकायतकर्ता (भाजपा विधायक) के अनुसार, इन पैन कार्ड को ‘असत्य और जाली दस्तावेजों’ के आधार पर बनाया गया और उपयोग किया गया। एक पैन कार्ड पर अब्दुल्ला की जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज है, जबकि दूसरे पैन कार्ड में उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 अंकित है। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अब्दुल्ला आज़म खान के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले की सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही थी।
कोर्ट का फैसला और सुरक्षा
न्यायाधीश शोभित बंसल की अदालत ने दोनों पिता-पुत्र को इस मामले में दोषी पाया और सज़ा सुनाई। फैसले को लेकर ज़िले में उत्सुकता बनी रही। भाजपा और सपा दोनों पार्टियों के समर्थक फैसला आने से पहले ही कचहरी परिसर में जमा होने लगे थे। किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन ने ज़िले और कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे।